भोपाल : प्रदेश में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की एडवाइजरी जारी की है। हाल के समय में कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम के मामले सामने आए हैं, जिनमें ठग फोन कॉल, एसएमएस, ई-मेल और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को झांसे में लेकर उनके मोबाइल में कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय कर देते हैं।
कॉल फॉरवर्डिंग से ठगी का तरीका
एडिशनल डीसीपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि अपराधी खुद को बैंक कर्मचारी, मोबाइल कंपनी अधिकारी या टेक्निकल सपोर्ट स्टाफ बताकर कॉल करते हैं। वे कहते हैं कि आपके अकाउंट में खतरा है या नेटवर्क में समस्या है। इसके बाद पीड़ित से USSD कोड डायल करवाकर कॉल फॉरवर्डिंग ऑन करवा ली जाती है।
गोपनीय जानकारी और अकाउंट हैकिंग
इस फ्रॉड के जरिए अपराधी बैंक, क्रेडिट कार्ड और अन्य संस्थानों से आने वाले OTP, वेरिफिकेशन कॉल और अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल कर लेते हैं। कई मामलों में व्हाट्सएप अकाउंट भी हैक होने की खबरें सामने आई हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस तरह के कॉल पर कभी भी निजी जानकारी साझा न करें।

पुलिस की सलाह
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे कॉल पर विश्वास न करें और तुरंत अपने बैंक या मोबाइल सेवा प्रदाता से संपर्क करें। कॉल फॉरवर्डिंग को सक्रिय करने वाले कोड साझा न करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना नजदीकी साइबर सेल को दें।











