Wednesday, September 9, 2026
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश, 50 से ज्यादा सांसदों का समर्थन, सदन में 10 घंटे होगी चर्चा

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : लोकसभा में मंगलवार को विपक्षी दलों ने स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव को सदन में पेश करने के लिए 50 से अधिक सांसदों ने समर्थन में खड़े होकर समर्थन जताया

इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए उस पर चर्चा की अनुमति दे दी। अब इस प्रस्ताव पर सदन में करीब 10 घंटे तक चर्चा होगी।

विपक्ष ने लगाया पक्षपात का आरोप

विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि स्पीकर ओम बिरला सदन की कार्यवाही में पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं। कांग्रेस सांसदों ने यह मुद्दा भी उठाया कि स्पीकर की अनुपस्थिति में अब तक डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति नहीं की गई, जो संसदीय परंपरा के खिलाफ है।कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश का नेतृत्व कमजोर और असहाय दिखाई दे रहा है।

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डिप्टी स्पीकर को लेकर भी उठे सवाल

संसद में यह भी चर्चा हुई कि डिप्टी स्पीकर का पद परंपरागत रूप से विपक्ष को दिया जाता रहा है

  • 16वीं लोकसभा में यह पद एनडीए सहयोगी दल अन्नाद्रमुक के एम. थंबीदुरई को दिया गया था।

  • हालांकि 17वीं और 18वीं लोकसभा में अब तक किसी को डिप्टी स्पीकर नहीं बनाया गया

इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की।

कार्यवाही की अध्यक्षता पर भी विवाद

चर्चा के दौरान एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाते हुए कहा कि जब स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो रही हो, तब स्पीकर स्वयं कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति नहीं होने की स्थिति में चेयर पर बैठे जगदंबिका पाल कार्यवाही कैसे चला सकते हैं

सरकार ने नियमों का दिया हवाला

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने जवाब देते हुए कहा कि संसदीय नियमों के अनुसार चेयर पर बैठा कोई भी पीठासीन अधिकारी स्पीकर जैसी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कार्यवाही चला सकता है।वरिष्ठ नेता रवि शंकर प्रसाद ने भी यही बात दोहराई।

पीठासीन अधिकारी ने दी सफाई

अंत में चेयर पर बैठे जगदंबिका पाल ने स्पष्ट किया कि स्पीकर का पद खाली नहीं है, इसलिए उन्हें सदन की कार्यवाही चलाने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य सदस्यों को पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाने का मौका बाद में दिया जाएगा।इस घटनाक्रम के बाद संसद में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।

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