Saturday, October 3, 2026
Home Chhattisgarh Chhattisgarh Tonhi Act : दंतेवाड़ा में अंधविश्वास का खौफनाक अंत: ‘जादू-टोना’ के...

Chhattisgarh Tonhi Act : दंतेवाड़ा में अंधविश्वास का खौफनाक अंत: ‘जादू-टोना’ के शक में बुजुर्ग की गला रेतकर हत्या, 24 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार

Chhattisgarh Tonhi Act : फकरे आलम खान/दंतेवाड़ा। दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में अंधविश्वास की एक बेहद दुखद और वीभत्स घटना सामने आई है। गीदम थाना क्षेत्र के ग्राम हीरानार में दो आरोपियों ने जादू-टोना करने के शक में एक बुजुर्ग व्यक्ति नेहरू यादव की उनके घर के आंगन में ही गला रेतकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या है पूरा मामला? मृतक की पत्नी श्रीमती सरस्वती यादव ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया कि 8 मार्च की शाम नेहरू यादव अपने घर के आंगन में बैठे थे। तभी गांव के ही अमितराम लेकामी और दशमु लेकामी वहां पहुंचे और नेहरू यादव पर जादू-टोने का आरोप लगाकर उनसे विवाद करने लगे। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने नेहरू यादव को जमीन पर पटक दिया और अमितराम लेकामी ने धारदार चाकू से उनके गले पर वार कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

प्रताड़ना का सिलसिला था पुराना परिजनों ने बताया कि आरोपी लंबे समय से नेहरू यादव पर जादू-टोना करने का झूठा आरोप लगाते आ रहे थे और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। घटना के दौरान जब मृतक की पत्नी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी और वहां से फरार हो गए। मृतक का बेटा जब काम से घर लौट रहा था, तब उसने भी आरोपियों को भागते हुए देखा।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन में गीदम थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 351(3), 3(5) और ‘छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005’ की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक विजय पटेल और उनकी टीम (उपनिरीक्षक शशिकांत यादव, सउनि अनिल ध्रुवे, प्रशांत सिंह सहित अन्य आरक्षकों) की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अंधविश्वास और जादू-टोने जैसी कुरीतियों से दूर रहने और ऐसी किसी भी घटना की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here