कोंडागांव (रामकुमार भारद्वाज): जिले में मछली पालन को आधुनिक और लाभदायक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कलेक्टर सुश्री नुपूर राशि पन्ना के मार्गदर्शन में शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र, कोपाबेड़ा में 08 अक्टूबर 2025 से 17 अक्टूबर 2025 तक 10 दिवसीय मछुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य मत्स्य पालकों के तकनीकी ज्ञान में वृद्धि करना और उन्हें आधुनिक मछली पालन तकनीकों से अवगत कराना था।
इस कार्यक्रम में कुल 120 कृषक शामिल हुए, जिन्हें मछली पालन की नवीन तकनीकों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में किसानों को मछली पालन के विभिन्न पहलुओं जैसे जल प्रबंधन, आहार प्रबंधन, स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण, तथा व्यावसायिक उत्पादन बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी गई। इससे न केवल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि कृषकों की आय में भी सुधार होगा।
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कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रशिक्षित कृषकों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि मछली पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम है और इसे वैज्ञानिक तरीके से अपनाने से किसान दीर्घकालिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
समापन समारोह में जनपद पंचायत कोंडागांव के उपाध्यक्ष टोमेन्द्र सिंह ठाकुर, श्रीमती फागेश्वरी कश्यप, उप संचालक मछली पालन एम.एल. राना, सहायक मत्स्य अधिकारी योगेश देवांगन, मत्स्य निरीक्षक कु. अस्मिता सिन्हा और कु. नोमेश्वरी दीवान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। उन्होंने कृषकों को प्रोत्साहित किया कि वे प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को अपने मछली पालन कार्य में लागू करें।
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इस पहल से कोंडागांव के मत्स्य पालक आधुनिक तकनीक अपनाकर उत्पादन बढ़ाने और अपनी आय सुदृढ़ करने में सक्षम होंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्यक्रम जिले में मछली पालन को व्यावसायिक और लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।









