CG NEWS : कोंडागांव : कोंडागांव जिले में प्रतिबंधित और फलदार वृक्षों की अवैध कटाई व तस्करी का मामला सामने आया है, जिसमें वन विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बोरगांव के पास लकड़ी से लदी दो गाड़ियों को सूचना के आधार पर पकड़ा गया, लेकिन जांच के दौरान ही उन्हें बिना ठोस कार्रवाई के छोड़ दिया गया।
CG NEWS : बताया जा रहा है कि गाड़ियों में आम और सेमल की लकड़ियां भरी थीं, जिनके परिवहन के लिए जरूरी दस्तावेजों की मौके पर पूरी तरह जांच भी नहीं की गई। उपवनमंडलाधिकारी (SDO) ने कागजात सही बताते हुए गाड़ियों को छोड़ने का निर्देश दे दिया, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर संदेह गहराया है।
CG NEWS : स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना ट्रांजिट पास और भौतिक सत्यापन के इस तरह की रिहाई यह संकेत देती है कि तस्करी संगठित रूप से हो रही है। गाड़ियों का दूसरे जिले से आना भी इस आशंका को मजबूत करता है।
CG NEWS : मामले में अधिकारी का यह बयान भी विवादों में है कि आम और सेमल की कटाई पंचायत स्तर पर बिना अनुमति संभव है, जबकि नियमों के अनुसार इन पेड़ों की कटाई और परिवहन के लिए वैध अनुमति और ट्रांजिट पास अनिवार्य होता है।
CG NEWS : घटना के बाद प्रशासन और वन विभाग की भूमिका पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब यह देखना होगा कि वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करते हैं या नहीं, और अवैध कटाई व तस्करी पर रोक लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।











