Hospital License Cancelled: इंदौर के प्रतिष्ठित ‘केयर सीएचएल’ अस्पताल का लाइसेंस होगा निरस्त, सीएमएचओ ने थमाया एक माह का नोटिस

VIKASH KHALKHO

Hospital License Cancelled: इंदौर। इंदौर शहर के सुप्रसिद्ध और प्रतिष्ठित केयर सीएचएल (Care CHL) अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही और मनमानी पर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की है। गंभीर हालत में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के स्वास्थ्य व जीवन को सीधे खतरे में डालकर अस्पताल परिसर में लगातार भारी निर्माण कार्य कराने के मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए एक माह का कड़ा वैधानिक नोटिस जारी कर दिया है।

कलेक्टर के निर्देश पर सात सदस्यीय टीम ने मारा था छापा दरअसल, लंबे समय से केयर सीएचएल अस्पताल में विस्तार संबंधी अवैध निर्माण कार्य की शिकायतें मरीजों के परिजनों द्वारा जिला प्रशासन से की जा रही थीं। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के सख्त निर्देश पर सीएमएचओ कार्यालय की सात-आठ सदस्यीय उच्च स्तरीय संयुक्त टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। इस टीम में जिला स्वास्थ्य अधिकारी, पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर और वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल थे। औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल के भीतर धूल, मिट्टी और भारी शोर-शराबे के बीच मरीजों का इलाज होते देख टीम ने मौके पर ही अस्पताल प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई थी और विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की थी।

नियम 1997 के तहत पंजीयन होगा निरस्त, एक महीने में खाली करना होगा अस्पताल सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि अस्पताल को पूर्व में भी इस जानलेवा लापरवाही को रोकने के लिए कई लिखित और मौखिक चेतावनियां दी गई थीं, लेकिन रसूखदार प्रबंधन द्वारा सरकारी आदेशों की लगातार अवहेलना की गई। अस्पताल द्वारा प्रस्तुत किए गए स्पष्टीकरण से भी प्रशासन संतुष्ट नहीं हुआ। इसके चलते ‘मध्य प्रदेश उपचार्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973 एवं नियम 1997’ के तहत अस्पताल को एक माह के भीतर पंजीयन निरस्ती (लाइसेंस कैंसिलेशन) की विधिवत सूचना थमा दी गई है। डॉ. हसानी ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि अस्पताल प्रबंधन को एक माह के भीतर वर्तमान में भर्ती सभी मरीजों को सुरक्षित रूप से डिस्चार्ज या शिफ्ट करना होगा। तय समयावधि के बाद अस्पताल में मरीजों का किसी भी प्रकार का उपचार पूरी तरह प्रतिबंधित और गैर-कानूनी रहेगा।

अस्पताल के खिलाफ गंभीर शिकायतें मिलने पर हमारी डॉक्टरों और विशेषज्ञों की टीम ने विस्तृत जांच की थी, जिसमें कई खतरनाक अनियमितताएं और मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ पाया गया। फिलहाल अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड करते हुए उन्हें एक महीने का अंतिम नोटिस दिया गया है। नियमों का उल्लंघन किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे कठोर वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। — शिवम वर्मा, जिला कलेक्टर, इंदौर

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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