Joshimath Traffic Jam: पहाड़ों में भीषण जाम की स्थिति ने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में वीकेंड पर घूमने और धार्मिक यात्रा के लिए पहुंचे हजारों लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लोकप्रिय पर्यटन स्थलों और चारधाम यात्रा मार्गों पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ने से कई जगहों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है।पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण सड़कें वाहनों से भर गई हैं और कई इलाकों में यातायात की रफ्तार लगभग थम गई है।
पहाड़ों में भीषण जाम का सबसे ज्यादा असर उत्तराखंड के जोशीमठ क्षेत्र में देखा जा रहा है। चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु बद्रीनाथ और अन्य धार्मिक स्थलों की ओर बढ़ रहे हैं।इसी बीच वीकेंड पर पहुंचे पर्यटकों की भीड़ ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। विष्णुप्रयाग से आगे तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
25 से 30 किलोमीटर तक लगी गाड़ियों की लाइन
पहाड़ों में भीषण जाम के कारण जोशीमठ क्षेत्र में वाहनों की कतार करीब 25 से 30 किलोमीटर तक फैल गई है। विष्णुप्रयाग, जोशीमठ और मारवाड़ी के बीच कई स्थानों पर यातायात बेहद धीमा हो गया है।यात्रियों का कहना है कि उन्हें कई घंटों तक एक ही स्थान पर रुकना पड़ रहा है। कई परिवार छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ सफर कर रहे हैं, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।
मनाली, मसूरी और नैनीताल में भी दबाव
पहाड़ों में भीषण जाम केवल जोशीमठ तक सीमित नहीं है। हिमाचल प्रदेश के मनाली और उत्तराखंड के मसूरी तथा नैनीताल में भी भारी भीड़ देखने को मिल रही है।वीकेंड पर बड़ी संख्या में लोग छुट्टियां बिताने पहुंचे हैं। इसके चलते प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया और कई जगहों पर वाहन रेंगते नजर आए।
The obsession with breaking records has successfully turned the fragile Himalayas into the world’s longest PARKING LOT. Joshimath is currently choking under a massive 25-30 KM long traffic jam. From Vishnuprayag to 15 km beyond, tourists are stuck in their cars for hours. pic.twitter.com/eOMWH7cHgm
— Himalayan Hindu (@himalayanhindu) May 30, 2026
गर्मी के बीच यात्रियों की बढ़ी मुश्किल
पहाड़ों में भीषण जाम के कारण लोग घंटों तक अपनी गाड़ियों में फंसे रहे। दिन में बढ़ते तापमान और लंबे इंतजार ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी।कई लोगों को खाने-पीने और जरूरी सुविधाओं की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों को भी रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी हुई।
प्रशासन और पुलिस की बढ़ी चुनौती
पहाड़ों में भीषण जाम को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार सड़क पर तैनात हैं। ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण स्थिति सामान्य होने में समय लग रहा है।अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को धैर्य रखने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।
यात्रा पर निकलने से पहले करें योजना
पहाड़ों में भीषण जाम की स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि पर्यटक और श्रद्धालु यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर जांच लें।भीड़ वाले दिनों में अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करना और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी रखना उपयोगी साबित हो सकता है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है भीड़
पहाड़ों में भीषण जाम की स्थिति आने वाले दिनों में भी बनी रह सकती है, क्योंकि चारधाम यात्रा जारी है और गर्मी की छुट्टियों के कारण पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।ऐसे में प्रशासन के सामने ट्रैफिक प्रबंधन की बड़ी चुनौती बनी हुई है, जबकि यात्रियों को भी सतर्क और योजनाबद्ध तरीके से सफर करने की जरूरत है।









