Sagar Police Demotion Controversy: सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले से पुलिस महकमे का एक हैरान कर देने वाला और अजब-गजब मामला सामने आया है। जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से पुलिसकर्मियों की पदोन्नति (प्रमोशन) सूची जारी की गई, लेकिन प्रमोशन की आस लगाए बैठे कई कर्मचारियों के हाथ सिर्फ मायूसी और डिमोशन लगा। पिछले 5 सालों से कार्यवाहक/प्रभारी पद पर जिम्मेदारी संभाल रहे सहायक उप निरीक्षक (ASI) और प्रधान आरक्षकों (Head Constables) को उनके मूल पद पर डिमोट कर दिया गया है।
अचानक हुए इस डिमोशन के बाद पुलिस महकमे में भारी रोष और असंतोष व्याप्त है। अपनी उपेक्षा से दुखी कई पुलिसकर्मियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) और इस्तीफे का आवेदन भेज दिया है।
422 की लिस्ट में 60 पुलिसकर्मियों को लगा झटका
जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी 422 पुलिसकर्मियों की प्रमोशन लिस्ट के सामने आते ही स्थापना शाखा में गहमा-गहमी का माहौल बन गया।
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सूची में जहाँ 104 प्रधान आरक्षकों को पदोन्नत कर एएसआई (ASI) बनाया गया है।
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वहीं दूसरी ओर 60 ऐसे पुलिसकर्मी हैं जो पिछले 5 सालों से कार्यवाहक/प्रभारी के रूप में प्रधान आरक्षक और एएसआई का पद संभाल रहे थे, लेकिन इस सूची में उनका डिमोशन कर उन्हें पुनः आरक्षक और प्रधान आरक्षक बना दिया गया है।
अनियमितता और भेदभाव का आरोप, कोर्ट जाने की तैयारी
सूची सामने आने के बाद पीड़ित पुलिसकर्मियों ने पूरी पदोन्नति प्रक्रिया में घोर अनियमितता और भेदभाव के आरोप लगाए हैं। पुलिसकर्मियों का कहना है कि:
“हमसे पांच सालों तक उच्च पद (प्रभारी) का कार्य कराया गया और अब अचानक डिमोट कर दिया गया, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। यदि हमारी सुनवाई नहीं हुई तो हम न्याय के लिए उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) का दरवाजा खटखटाएंगे।”
पुलिस विभाग की सफाई
इस पूरे विवाद और पुलिसकर्मियों के विरोध के बीच पुलिस विभाग के अधिकारियों की ओर से सफाई दी गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह सूची नियमों के तहत ही तैयार की गई है। इसमें कर्मचारियों के पांच साल की रेटिंग (CR) और तीन-स्तरीय विभागीय जांच के बाद ही योग्यता के आधार पर अंतिम पदोन्नति सूची जारी की गई है।







