Indore Collector Jansunwai News: इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में कलेक्टर जनसुनवाई के दौरान एक हैरान कर देने वाला अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। जिला कलेक्ट्रेट में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक मजदूर अपनी फरियाद लेकर हाथ में रसोई गैस का सिलेंडर उठाए सीधे अधिकारियों के समक्ष पहुंच गया। पीड़ित का गंभीर आरोप है कि गैस एजेंसी द्वारा उसे जो सिलेंडर दिया गया था, उसमें एलपीजी गैस की जगह सिर्फ पानी भरा हुआ था।
‘छाया गैस एजेंसी’ पर बदसलूकी और धोखाधड़ी का आरोप
कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे विकास नगर निवासी राजेंद्र करोले ने अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्होंने कुछ दिनों पहले इंडियन ऑयल (Indian Oil) की टंकियां सप्लाई करने वाली छाया गैस एजेंसी से रसोई गैस सिलेंडर लिया था।
जब घर जाकर सिलेंडर का इस्तेमाल करने की कोशिश की गई, तो पता चला कि उसमें गैस नाममात्र भी नहीं थी, बल्कि पूरा सिलेंडर पानी से भरा हुआ था। पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने इस धोखाधड़ी की शिकायत लेकर गैस एजेंसी के दफ्तर का रुख किया, तो वहां मौजूद कर्मचारियों व अधिकारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और धक्का देकर भगा दिया।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार
विभिन्न जगहों पर मिन्नतें करने और सुनवाई न होने के बाद परेशान होकर पीड़ित मजदूर सिलेंडर को खुद उठाकर कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में ले आया। उसने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने सिलेंडर रखकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई और न्याय दिलाने की मांग की।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने दिए कड़े जांच के आदेश
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने खाद्य विभाग (Food Department) के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से जांच के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने कहा कि शिकायत के आधार पर खाद्य विभाग की टीम गैस एजेंसी और सप्लाई किए गए सिलेंडर की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर दोषी पाई जाने वाली एजेंसी या व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।







