Mahasamund Education Crisis: पिथौरा (महासमुंद)। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले अंतर्गत सरायपाली ब्लॉक से शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी की गंभीर तस्वीर सामने आई है। ग्राम जम्हारी स्थित शासकीय हाईस्कूल के छात्र-छात्राएं शिक्षकों की कमी से नाराज होकर पिछले 6 दिनों से स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं। शिक्षकों की नई पदस्थापना की मांग को लेकर यह आंदोलन 9 जुलाई से लगातार जारी है, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
150 छात्रों का भविष्य 3 शिक्षकों के भरोसे
जम्हारी हाईस्कूल में वर्तमान में कुल दर्ज छात्र संख्या 150 है, लेकिन पढ़ाई व्यवस्था का ढांचा पूरी तरह चरमराया हुआ है। स्कूल में सेटअप के अनुसार:
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कुल 3 लेक्चरर (व्याख्याता) पदस्थ हैं, जिनमें से एक शिक्षक के पास प्रभारी प्राचार्य का प्रशासनिक दायित्व भी है।
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इनके अलावा स्कूल में 1 प्रयोगशाला शिक्षक (लैब टीचर) और 1 लिपिक (बाबू) कार्यरत हैं।
स्कूल में मुख्य विषयों के शिक्षकों के पद वर्षों से खाली पड़े हुए हैं। मात्र 3 व्याख्याताओं के भरोसे 150 बच्चों को सभी विषय पढ़ा पाना संभव नहीं हो रहा है, जिससे विद्यार्थियों का पठन-पाठन और भविष्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
9 जुलाई से जारी है तालाबंदी और प्रदर्शन
वर्षों से लगातार गुहार लगाने के बावजूद जब शिक्षा विभाग ने रिक्त पदों पर शिक्षकों की पदस्थापना को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई, तो पालकों और ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। 9 जुलाई से स्कूली बच्चों ने अपने पालकों के साथ मिलकर स्कूल में ताला जड़ दिया और बाहर धरने पर बैठ गए।
ग्रामीणों और छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की पदस्थापना के लिखित आदेश जारी नहीं किए जाते, तब तक ताला नहीं खोला जाएगा और आंदोलन जारी रहेगा।





