US Iran Attack 2026: अमेरिका ईरान हमला 2026 के बीच मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग के दौरान हाल ही में सीजफायर का ऐलान किया गया था, लेकिन अब अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी इलाके बंदर अब्बास में हमला कर दिया है।यह हमला होर्मुज जलडमरूमध्य के पास किया गया, जिसके बाद पूरे इलाके में हलचल बढ़ गई है। घटना के बाद दोनों देशों के बीच शांति वार्ता पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
अमेरिका ईरान हमला 2026 को लेकर अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने बयान जारी किया है। अमेरिका का कहना है कि यह हमला “सेल्फ-डिफेंस स्ट्राइक” था।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने दावा किया कि ईरानी बलों से अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए यह कार्रवाई की गई। इस दौरान मिसाइल लॉन्च साइट्स और समुद्र में माइंस बिछाने वाली ईरानी नावों को निशाना बनाया गया।
होर्मुज के पास सैन्य हलचल बढ़ी
अमेरिका ईरान हमला 2026 के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव काफी बढ़ गया है। यह इलाका दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है।अमेरिकी हमले में उन नावों को नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है जो कथित तौर पर समुद्र में बारूदी सुरंगें लगाने की कोशिश कर रही थीं। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, “अमेरिकी सेना ने सोमवार को दक्षिणी ईरान में उन लक्ष्यों पर हमले किए, जिनमें खदानें बिछाने की कोशिश कर रही नावें और मिसाइल लॉन्च साइटें शामिल थीं; सेना ने इन कार्रवाइयों को ‘रक्षात्मक कार्रवाई’ बताया है।” pic.twitter.com/AYQ4BuQigt
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 26, 2026
ईरान ने सुनी धमाकों की आवाज
अमेरिका ईरान हमला 2026 पर ईरान की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी अधिकारियों ने बताया कि बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के पास तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई।इसके तुरंत बाद ईरान ने अपना एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया। ईरानी सेना ने कहा कि दुश्मन के संभावित हमलों का जवाब देने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
शांति वार्ता पर मंडराया खतरा
अमेरिका ईरान हमला 2026 के बाद अब दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता पर खतरा बढ़ गया है। सीजफायर के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि हालात सामान्य हो सकते हैं, लेकिन ताजा हमले ने स्थिति को फिर तनावपूर्ण बना दिया है।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई बढ़ती है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर भी पड़ सकता है।
दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट पर
अमेरिका ईरान हमला 2026 के बाद पूरी दुनिया की नजरें अब मिडिल ईस्ट के हालात पर टिकी हुई हैं। होर्मुज जैसे रणनीतिक इलाके में किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई को प्रभावित कर सकती है।फिलहाल दोनों देशों की ओर से बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।









