NHM Workers Banking Benefits: बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में स्थित बैंक ऑफ इंडिया (BOI) की मुख्य शाखा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों और अधिकारियों के हितों को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ शासन और बैंक ऑफ इंडिया के बीच पूर्व में हुए बीमा मेमोरेन्डम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) के प्रभावी क्रियान्वयन और एनएचएम कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न बैंकिंग एवं लोन सुविधाओं के सरलीकरण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान कर्मचारी संघ ने स्वास्थ्य कर्मियों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को बैंक प्रबंधन के सामने प्रमुखता से रखा।
वेतन खातों की मैपिंग का काम तेज, ‘SB163’ वाले कर्मचारियों को प्राथमिकता
बैठक के दौरान बैंक ऑफ इंडिया, बेमेतरा के शाखा प्रबंधक फलिन्द्र बोरकर ने एक बड़ी तकनीकी प्रगति की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जिन एनएचएम कर्मचारियों की वेतन खाते की पासबुक में ‘SB163’ कोड अंकित है, उनका राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ (NHM CG) के पोर्टल और बैंक स्तर पर मैपिंग का कार्य पूरी तरह से संपन्न किया जा चुका है।
शाखा प्रबंधक ने आश्वस्त किया कि शेष बचे हुए अन्य कर्मचारियों के खातों की मैपिंग प्रक्रिया को भी बैंक प्रबंधन प्राथमिकता के आधार पर बहुत जल्द पूरा कर लेगा। इस तकनीकी मैपिंग के पूरे होते ही सभी पात्र स्वास्थ्य कर्मचारियों को शासन और बैंक के मध्य हुए एमओयू के तहत मिलने वाले विशेष वित्तीय लाभ, दुर्घटना बीमा और सुगम बैंकिंग का फायदा बिना किसी रुकावट के सीधे मिलने लगेगा।
चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति, पारदर्शी समाधान पर जोर
बैठक में उपस्थित छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों को होने वाली रोजमर्रा की दिक्कतों का मुद्दा उठाया। संघ की ओर से विशेष रूप से आग्रह किया गया कि ड्यूटी की व्यस्तता के कारण स्वास्थ्य कर्मियों के पास समय का अभाव रहता है। ऐसे में उन्हें छोटे-छोटे बैंक संबंधी कार्यों या लोन की प्रक्रियाओं के लिए अनावश्यक रूप से बार-बार बैंक की शाखा के चक्कर न काटने पड़ें।
इसके जवाब में बैंक अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि एनएचएम कर्मियों के लिए सभी बैंकिंग प्रक्रियाओं को पूरी तरह समयबद्ध, पारदर्शी और बेहद सरल बनाया जाएगा। इसके अलावा कर्मचारियों को बैंक की चालू कल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न लोन सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी देने के लिए विशेष काउंटर या कैंप की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।
इन प्रमुख मुद्दों पर भी बनी सहमति
बैठक के सौहार्दपूर्ण माहौल में बैंक अधिकारियों और एनएचएम संघ के बीच कई अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय सुरक्षा के बिंदुओं पर सहमति बनी:
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व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा: ड्यूटी के दौरान या सामान्य परिस्थितियों में दुर्घटना होने पर मिलने वाली बीमा राशि के दावों को आसान बनाया जाएगा।
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समूह बीमा (Group Insurance): एनएचएम के सभी संविदा और नियमित कर्मचारियों को ग्रुप इंश्योरेंस के दायरे में लाकर उनके परिवारों को वित्तीय सुरक्षा दी जाएगी।
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प्राथमिकता लोन सुविधा: स्वास्थ्य विभाग के अमले को होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन न्यूनतम कागजी कार्रवाई और कम ब्याज दरों पर उपलब्ध कराने में बैंक सहयोग करेगा।
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त्वरित निवारण तंत्र: किसी भी कर्मचारी के खाते में वेतन ट्रांसफर या अन्य तकनीकी समस्या आने पर बैंक के अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर उसका तुरंत समाधान करेंगे।
संघ ने जताया आभार, बेहतर समन्वय की उम्मीद
इस महत्वपूर्ण सौजन्य मुलाकात का नेतृत्व छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता एवं जिला बेमेतरा अध्यक्ष श्री पुरन दास ने किया। उन्होंने शाखा प्रबंधक के समक्ष जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं को बेहद मजबूती से रखा।
श्री पुरन दास ने बैठक के बाद कहा कि संघ का मुख्य उद्देश्य यही है कि अंतिम छोर पर तैनात प्रत्येक एनएचएम कर्मचारी को शासन और बैंक द्वारा स्वीकृत की गई सभी सुविधाओं का लाभ बिना किसी मानसिक या प्रशासनिक कठिनाई के प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि इसके लिए संघ भविष्य में भी बैंक प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित करके काम करता रहेगा।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण और सफल बैठक में मुख्य रूप से बैंक प्रबंधक फलिन्द्र बोरकर, वरिष्ठ बैंक अधिकारी सुमित सिंह सहित कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष पुरन दास, डॉ. मधुसूदन मधुकर, डॉ. दीप्ती पटेल, टंकोर सप्रे, तारेश्वरी कोठरी, दीपक पटेल के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कई अन्य कर्मचारी और बैंक ऑफ इंडिया शाखा के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।







