Fake Journalists Arrested: कोण्डागांव। छत्तीसगढ़ की कोण्डागांव जिला पुलिस ने पत्रकारिता जैसे पवित्र और जिम्मेदार पेशे की आड़ लेकर लोगों को ब्लैकमेल करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने डरा-धमकाकर कथित रूप से अवैध वसूली करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त एक स्विफ्ट डिजायर कार, मोबाइल फोन और पीड़ित से वसूली गई 30 हजार रुपये की नगद राशि बरामद की गई है। जब्त की गई कुल संपत्ति का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 6 लाख 40 हजार रुपये आंका गया है।
बीज भंडार संचालक को दी थी जेल भिजवाने की धमकी
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कोण्डागांव थाना क्षेत्र के जामपदर पारा निवासी प्रार्थी तिमिर प्रकाश पटेल ने थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। प्रार्थी ने बताया कि दो अज्ञात व्यक्ति स्वयं को पत्रकार बताते हुए उनकी बीज भंडार की दुकान पर धमक आए। इसके बाद आरोपियों ने दुकान के भीतर की कुछ तस्वीरें खींची और वीडियो बना लिया।
वीडियो बनाने के बाद आरोपियों ने पीड़ित को धमकी दी कि यदि उन्होंने पैसे नहीं दिए तो वे उनके खिलाफ भ्रामक समाचार प्रकाशित कर उन्हें पूरी तरह बदनाम कर देंगे और जेल भिजवा देंगे। इस मानसिक दबाव और बदनामी के डर से पीड़ित ने आरोपियों को 30 हजार रुपये दे दिए। प्रार्थी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कोण्डागांव पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) और 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 213/2026 पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया।
एसपी के निर्देशन में बनी विशेष टीम, बस्तर से दबोचे गए आरोपी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) श्री पंकज चंद्रा (भापुसे) ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कपिल चंद्रा और एसडीओपी श्री रूपेश कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ उपाध्याय के नेतृत्व में एक विशेष हंटिंग टीम और साइबर सेल को सक्रिय किया गया।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी कार्तिकेश्वर कश्यप (उम्र 43 वर्ष, निवासी मावलीगुड़ा, थाना बस्तर) और विशाल सोनी (उम्र 29 वर्ष, निवासी करेकोटपारा, पण्डरीपानी, थाना परपा, जिला बस्तर) को धर दबोचा। कड़ाई से की गई पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पत्रकारिता का भय दिखाकर सीधे-साधे लोगों से मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से डिजायर कार (क्रमांक CG 17 LC 6661) और वसूली की रकम बरामद कर दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
कानून सबके लिए समान, स्वच्छ पत्रकारिता का हम सम्मान करते हैं: पुलिस
इस बड़ी कार्रवाई के बाद कोण्डागांव पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस प्रशासन ने कहा कि यह दंडात्मक कार्रवाई केवल पत्रकारिता के नाम पर आपराधिक और अनैतिक कृत्य करने वाले तत्वों के खिलाफ की गई है।
पुलिस का उद्देश्य किसी भी रूप में समाज के चौथे स्तंभ यानी निष्पक्ष, निर्भीक और जिम्मेदार पत्रकारिता करने वाले मीडियाकर्मियों की छवि को ठेस पहुंचाना नहीं है। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून की नजर में सभी नागरिक समान हैं और किसी भी पेशे या पहचान का दुरुपयोग कर अवैध गतिविधियों को संचालित करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
इस टीम की रही सराहनीय भूमिका
इस अंधे मामले को सुलझाने और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी में निरीक्षक सौरभ उपाध्याय, उपनिरीक्षक राजकुमार कोमरा, प्रधान आरक्षक अशोक कुमार मरकाम, ललित गावड़े, आरक्षक बुधराम कोर्राम सहित साइबर सेल के प्रधान आरक्षक अजय बघेल, आरक्षक बिरजू सोरी एवं बिजू यादव की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।






