Tuesday, August 25, 2026
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राम मंदिर में VIP पास पर एक्शन! चंपत राय समेत तीन बड़े नामों की ID रद्द, आउटसोर्सिंग भी रुकी

Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही VIP दर्शन पास जारी करने से जुड़ी उनकी विशेष ID भी बंद कर दी गई है। इस फैसले के बाद पूरे मामले को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने VIP दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के पास वह अधिकार नहीं रहेगा, जिसके जरिए श्रद्धालुओं के लिए VIP दर्शन पास जारी किए जाते थे। ट्रस्ट का कहना है कि व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

कैसे सामने आया पूरा मामला?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला तब सुर्खियों में आया जब आरोप लगे कि कुछ लोगों ने VIP दर्शन पास की सिफारिश के नाम पर श्रद्धालुओं से पैसे वसूले। जांच में रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का नाम सामने आया। आरोप है कि सिफारिश के जरिए बड़ी संख्या में VIP पास बनवाए गए और इसके बदले लोगों से रकम ली गई। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

दान प्रकरण के बाद बदली भर्ती व्यवस्था
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। जानकारी के अनुसार, विवाद के बाद किसी नए आउटसोर्स कर्मचारी की भर्ती नहीं की गई है। पहले महाकुंभ के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी।

आउटसोर्स कर्मचारियों की क्या थी जिम्मेदारी?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला की जांच में यह भी सामने आया है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को नकदी गिनने की जिम्मेदारी नहीं दी गई थी। उनका काम केवल भक्तों द्वारा दान पेटियों में डाले गए मुड़े हुए नोटों को सीधा करना और उन्हें व्यवस्थित करना था। नकदी की गिनती पूरी तरह बैंक कर्मचारियों की निगरानी में होती थी।
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SBI कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला की जांच अब बैंकिंग प्रक्रिया तक पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार, मंदिर के दान की गिनती अत्याधुनिक मशीनों से SBI कर्मचारियों द्वारा की जाती थी। पुलिस बैंक अधिकारियों की भूमिका से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है और कुछ अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।

जांच में रिकॉर्ड और निगरानी पर भी सवाल
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला में जांच एजेंसियां दान पेटियों की गिनती से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही हैं। बताया जा रहा है कि गिनती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज और निगरानी व्यवस्था की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।

ट्रस्ट ने पारदर्शिता बढ़ाने का दिया संकेत
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला के बाद ट्रस्ट ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में दर्शन व्यवस्था और दान प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा। जांच पूरी होने तक कई प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा जारी रहेगी। फिलहाल मामले में पुलिस और संबंधित एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। जांच के अंतिम निष्कर्ष आने के बाद ही किसी भी आरोप की पुष्टि होगी।

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