MP के 48 लाख परिवारों की बदलेगी किस्मत! तहसील में ही होगी जमीन की रजिस्ट्री

Rural Property Ownership Scheme MP: ग्रामीण संपत्ति मालिकाना हक योजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से आबादी की भूमि पर रह रहे 48 लाख से अधिक परिवारों को अब उनकी जमीन का कानूनी मालिकाना हक मिलेगा। ग्रामीण संपत्ति मालिकाना हक योजना का उद्देश्य लोगों को वैध दस्तावेज उपलब्ध कराना और संपत्ति से जुड़े अधिकारों को मजबूत बनाना है।

ग्रामीण संपत्ति मालिकाना हक योजना के तहत सरकार ने तहसीलदार, प्रभारी तहसीलदार और नायब तहसीलदार को भी सब-रजिस्ट्रार की शक्तियां प्रदान कर दी हैं। अब पात्र लोगों को रजिस्ट्री कराने के लिए दूर स्थित उप पंजीयक कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। तहसील स्तर पर ही पूरी प्रक्रिया पूरी हो सकेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।

स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क पूरी तरह माफ
ग्रामीण संपत्ति मालिकाना हक योजना के अंतर्गत सबसे बड़ी राहत यह है कि लाभार्थियों को स्टाम्प ड्यूटी, पंजीयन शुल्क और पंचायत उपकर नहीं देना होगा। इन सभी खर्चों का वहन राज्य सरकार करेगी। इस फैसले से लाखों ग्रामीण परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और वे आसानी से अपनी संपत्ति का पंजीयन करा सकेंगे।
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सरकार पर आएगा 3800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार
ग्रामीण संपत्ति मालिकाना हक योजना को लागू करने के लिए राज्य सरकार लगभग 3,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाएगी। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीणों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी और भविष्य में भूमि संबंधी विवाद भी कम होंगे।

बैंक से लोन लेना होगा आसान
ग्रामीण संपत्ति मालिकाना हक योजना का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि रजिस्ट्री होने के बाद लाभार्थी अपनी जमीन के दस्तावेज के आधार पर बैंक से आसानी से ऋण ले सकेंगे। इससे घर निर्माण, कृषि विस्तार, छोटे व्यवसाय और अन्य जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त करना आसान हो जाएगा।

योजना की निगरानी के लिए बनेगी विशेष समिति
ग्रामीण संपत्ति मालिकाना हक योजना के सफल संचालन के लिए आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी। इसमें पंजीयन, पंचायत, ग्रामीण विकास, कोष एवं लेखा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों को भी समिति का हिस्सा बनाया जाएगा।

जनजागरूकता पर भी रहेगा विशेष फोकस
ग्रामीण संपत्ति मालिकाना हक योजना की जानकारी हर पात्र परिवार तक पहुंचाने के लिए सरकार ने 10 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इस राशि का उपयोग प्रचार-प्रसार, जागरूकता अभियान और आवश्यक दस्तावेजों की छपाई में किया जाएगा। योजना से जुड़े दिशा-निर्देश जारी करने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग को सौंपी गई है।

ग्रामीणों के लिए ऐतिहासिक पहल
ग्रामीण संपत्ति मालिकाना हक योजना से लाखों परिवारों को कानूनी पहचान, आर्थिक मजबूती और भविष्य की सुरक्षा मिलेगी। स्थानीय स्तर पर रजिस्ट्री, शुल्क में पूरी छूट और बैंक ऋण की सुविधा जैसी व्यवस्थाएं इस योजना को ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बनाती हैं। इससे गांवों में रहने वाले लोगों के लिए संपत्ति का अधिकार पहले से अधिक मजबूत और सुरक्षित होगा।

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