American Workforce : नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अमेरिकी उद्योग और वर्कफोर्स पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि देश के पास सेमीकंडक्टर विनिर्माण के लिए आवश्यक तकनीकी कौशल की भारी कमी है। उन्होंने कहा कि “अमेरिकी चिप बनाना नहीं जानते” और इस वजह से अमेरिका ने ‘मूर्खतापूर्ण तरीके’ से चिप निर्माण का बड़ा कारोबार ताइवान के हाथों खो दिया। ट्रंप H-1B विदेशी पेशेवरों के समर्थन के मुद्दे पर उठ रहे विरोधों का जवाब दे रहे थे।
American Workforce : ट्रंप ने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है और अमेरिका जल्द ही इसमें बड़ी वापसी करेगा। हालांकि उन्होंने 2022 में लाए गए ‘चिप्स ऐक्ट’ को “आपदा” करार देते हुए कहा कि यह कानून घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने में कारगर साबित नहीं हुआ। इसके बावजूद ट्रंप का दावा है कि आने वाले कुछ सालों में अमेरिकी चिप उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी।
American Workforce : राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका को यदि चिप निर्माण में प्रतिस्पर्धी होना है, तो घरेलू श्रमिकों को दोबारा प्रशिक्षित करना होगा। उन्होंने ताइवान की बढ़ती तकनीकी बढ़त का उल्लेख करते हुए कहा कि वैश्विक चिप उद्योग पर उसका नियंत्रण इस बात का संकेत है कि अमेरिका को अपनी तैयारी और तेज करनी होगी।
American Workforce : ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिकी राजनीति में हलचल तेज हो गई है। फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने कहा कि यदि रिपब्लिकन सचमुच H-1B वीज़ा का विरोध करते हैं, तो बहुमत होने के बावजूद वे इसे समाप्त करने के लिए कानून क्यों नहीं लाते। वहीं कुछ विशेषज्ञों ने ट्रंप को याद दिलाया कि माइक्रोचिप का आविष्कार अमेरिकी इंजीनियर जैक किल्बी और रॉबर्ट नॉयस ने ही किया था, इसलिए अमेरिका को तकनीक में पिछड़ा बताना गलत है।
American Workforce : इसके बावजूद ट्रंप अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने दावा किया कि बड़ी चिप निर्माता कंपनियां अमेरिका लौट रही हैं और भविष्य में दुनिया का अधिकांश चिप उत्पादन अमेरिका में होगा। ट्रंप ने कहा कि अब समय है कि अमेरिकी उद्योग अपनी खोई हुई बढ़त वापस हासिल करे और यह सुनिश्चित करे कि सेमीकंडक्टर उत्पादन फिर से देश की धरती पर फले-फूले।








