A major battle in Parliament : नई दिल्ली: लोकसभा में गुरुवार को ‘जी राम जी’ (VB-G RAM G) बिल को लेकर अभूतपूर्व हंगामा देखने को मिला। जब केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान मनरेगा का नाम बदलने और नए बिल के प्रावधानों पर जवाब दे रहे थे, तब आक्रोशित विपक्षी सांसदों ने बिल की कॉपियां फाड़ दीं और उन्हें मंत्री की ओर उछाला। सदन में “तानाशाही नहीं चलेगी” के नारों के बीच लोकतंत्र की मर्यादाएं तार-तार होती दिखीं।
A major battle in Parliament : चर्चा का जवाब देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी हमारे लिए केवल एक नाम नहीं, बल्कि आस्था और प्रेरणा का केंद्र हैं। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मनरेगा की शुरुआत में गांधी जी का नाम नहीं था, लेकिन 2009 के चुनावों को देखते हुए वोट बैंक की राजनीति के तहत बापू का नाम योजना से जोड़ा गया। चौहान ने दावा किया कि मोदी सरकार ने ही इस योजना को सही मायने में धरातल पर उतारा और रिकॉर्ड बजट आवंटित किया।
“गाँवों के विकास के लिए कई वर्षों पहले से कई योजनाएँ बनीं”
ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री @ChouhanShivraj लोकसभा में विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) की गारंटी: विकसित भारत जी-राम-जी विधेयक, 2025 पर चल रही चर्चा का उत्तर देते हुए |@MoRD_GoI… pic.twitter.com/BZXesK5NoE
— SansadTV (@sansad_tv) December 18, 2025
A major battle in Parliament : सदन में तीखी बहस के दौरान शिवराज ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के उस बयान का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने सरकार पर ‘नाम बदलने की सनक’ का आरोप लगाया था। शिवराज ने पलटवार करते हुए नेहरू-गांधी परिवार के नाम पर चल रही योजनाओं, सड़कों, संस्थानों और यहां तक कि 15 राष्ट्रीय उद्यानों की सूची गिना दी। उन्होंने सवाल किया कि क्या देश में केवल एक ही परिवार का योगदान है?
A major battle in Parliament : शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के व्यवहार को ‘लोकतांत्रिक हिंसा’ करार दिया। उन्होंने कहा कि रात डेढ़ बजे तक उन्होंने विपक्षी सदस्यों की बातें सुनीं, लेकिन अब जब वे जवाब दे रहे हैं, तो विपक्ष सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का बचाव करते हुए कहा कि संघ राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित कार्यकर्ता तैयार करता है और हिंदुत्व का सार ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘अधर्म का नाश’ में निहित है।
A major battle in Parliament : मंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि यूपीए के मुकाबले मोदी सरकार ने कहीं अधिक मानव श्रम दिवस सृजित किए हैं। उन्होंने महात्मा गांधी के 1948 के उस कथन को भी याद दिलाया जिसमें उन्होंने कांग्रेस को भंग करने की सलाह दी थी। शिवराज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता के लालच में गांधी जी के आदर्शों की हत्या उसी दिन कर दी थी। भारी हंगामे और कॉपियां फाड़े जाने के बावजूद सरकार ने इस बिल को ग्रामीण विकास के लिए क्रांतिकारी कदम बताते हुए सदन से पारित कराया।











