Tuesday, September 15, 2026
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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को न्यू साउथ वेल्स संसद में मिला विशेष सम्मान, संसद ने जताया आभार

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क :  ऑस्ट्रेलिया की न्यू साउथ वेल्स संसद द्वारा जारी यह सम्मान पत्र इस बात का संकेत है कि भारतीय आध्यात्मिक परंपराएं अब वैश्विक स्तर पर प्रभाव छोड़ रही हैं। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का यह दौरा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संवाद का महत्वपूर्ण अवसर बनकर सामने आया।

संसद में स्वागत, बढ़ा सांस्कृतिक जुड़ाव

संसद की ओर से स्पष्ट किया गया कि बागेश्वर सरकार की उपस्थिति ने विविध समुदायों के बीच आपसी समझ और संवाद को बढ़ावा दिया। यह आयोजन भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

सम्मान पत्र का हिंदी अनुवाद

प्रिय धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री,
न्यू साउथ वेल्स की संसद में 14 अप्रैल 2026 को आपके आगमन को मैं अत्यंत सम्मान के साथ स्वीकार करता हूँ।

हमारी यह संसद राज्य की सबसे पुरानी संस्थाओं में से एक है, जो यहां के लोगों की सेवा करने के लिए अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभा रही है। इस महत्वपूर्ण स्थान पर आपका स्वागत करना हमारे लिए गर्व की बात रही, जहां विचार, नेतृत्व और समाज मिलकर हमारे साझा भविष्य को आकार देते हैं।

आपकी उपस्थिति का हार्दिक स्वागत किया गया और आपका यह दौरा हमारे विविध समाज में सांस्कृतिक जुड़ाव, संवाद और आपसी समझ के महत्व को दर्शाता है।

सभी की ओर से मैं आपका धन्यवाद करता हूँ कि आपने न्यू साउथ वेल्स संसद का दौरा किया और हमारे लोकतांत्रिक संस्थान में संवाद और सम्मान की भावना को मजबूत किया।हम मानवता के कल्याण के लिए आपके निरंतर प्रयासों के लिए आपको शुभकामनाएं देते हैं।

भवदीय,
वॉरेन कुर्क

वैश्विक संवाद और सहयोग का संदेश

इस सम्मान पत्र में यह भी रेखांकित किया गया कि ऐसे दौरे न केवल धार्मिक या सांस्कृतिक महत्व रखते हैं, बल्कि वे वैश्विक स्तर पर सहयोग, संवाद और मानवीय मूल्यों को भी प्रोत्साहित करते हैं।
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न्यू साउथ वेल्स संसद द्वारा दिया गया यह सम्मान भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विचारधारा के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है। यह घटना न केवल बागेश्वर सरकार के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बन गई है।

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