MP College Admission: भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश की राह देख रहे हजारों छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरी खबर है। उच्च शिक्षा विभाग ने ई-प्रवेश (E-Pravesh) प्रक्रिया के तहत दूसरे चरण की कॉलेज आवंटन सूची आधिकारिक रूप से जारी कर दी है। जारी की गई इस दूसरी मेरिट सूची के माध्यम से प्रदेशभर के विभिन्न स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों में कुल 1 लाख 25 हजार 917 विद्यार्थियों को उनकी चॉइस के आधार पर कॉलेज आवंटित किए गए हैं। सूची लाइव होने के साथ ही प्रदेश के सभी प्रमुख शिक्षा केंद्रों और कॉलेजों में दाखिले को लेकर हलचल तेज हो गई है।
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक, इस दूसरे चरण में सबसे ज्यादा दाखिले स्नातक स्तर पर हुए हैं। स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों के लिए कुल 93 हजार 546 छात्र-छात्राओं को सीटें आवंटित की गई हैं। वहीं, स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में उच्च शिक्षा के लिए 32 हजार 371 आवेदकों को उनकी योग्यता और मेरिट के आधार पर संबंधित कॉलेज आबंटित किए गए हैं। इस सूची के प्रकाशन के बाद अब राज्य की संपूर्ण ऑनलाइन प्रवेश प्रणाली अपने अगले और निर्णायक पड़ाव पर पहुंच चुकी है।
शुल्क जमा न करने पर स्वतः निरस्त मानी जाएगी सीट
उच्च शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने आवंटन सूची के साथ ही प्रवेश शुल्क भुगतान को लेकर बेहद कड़े और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नियमों के मुताबिक, जिन भी विद्यार्थियों का नाम इस द्वितीय आवंटन सूची में आया है, उन्हें 7 जून से 13 जून 2026 के बीच हर हाल में निर्धारित ऑनलाइन प्रवेश शुल्क जमा करना होगा। विभाग ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि कोई छात्र तय समय सीमा यानी 13 जून की रात तक अपनी फीस जमा नहीं करता है, तो उसकी आवंटित सीट को बिना किसी पूर्व सूचना के स्वतः निरस्त मान लिया जाएगा और वह सीट अगले चरण के लिए लॉक कर दी जाएगी।
विभाग ने की समय रहते औपचारिकताएं पूरी करने की अपील
सत्र की शुरुआत में किसी भी प्रकार की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से एक विशेष अपील जारी की है। विभाग ने कहा है कि छात्र फीस भुगतान के लिए अंतिम तिथि या आखिरी घंटों का इंतजार बिल्कुल न करें, क्योंकि अंतिम समय में सर्वर पर लोड बढ़ने से भुगतान अटकने का खतरा रहता है। प्रवेश, दस्तावेज सत्यापन और फीस स्ट्रक्चर से जुड़ी तमाम विस्तृत गाइडलाइन ई-प्रवेश के मुख्य ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है। अधिकारियों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार से बचने के लिए नियमित अंतराल पर केवल आधिकारिक पोर्टल का ही अवलोकन करते रहें।









