निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के इंदौर में क्राइम ब्रांच पुलिस ने ऑपरेशन F.A.C.E. के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी सिम कार्ड रैकेट का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने टेलीकॉम कंपनियों के टारगेट और बोनस के लालच में दर्जनों फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट किए थे।
84 फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपने ही फोटो का इस्तेमाल करते हुए करीब 84 सिम कार्ड एक्टिवेट किए। यह सिम कार्ड VI, Airtel और BSNL जैसी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों के थे।
बोनस पाने के लिए रचा खेल
पुलिस के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियां सिम एक्टिवेशन पर अपने एजेंट्स को टारगेट पूरा करने पर बोनस देती हैं। इसी लालच में आरोपी ने बड़े पैमाने पर फर्जी सिम एक्टिवेट किए और टारगेट पूरा होने के बाद उन्हें डिएक्टिवेट कर देता था।
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फर्जी नामों का इस्तेमाल
आरोपी ने इस पूरी प्रक्रिया में POS एजेंट के नाम की जगह अपनी बहन और दोस्तों के नाम का फर्जी इस्तेमाल किया, जिससे उसकी पहचान छुपी रहे।
ऑपरेशन FACE के तहत कार्रवाई
क्राइम ब्रांच ने ऑपरेशन F.A.C.E. के तहत इस पूरे नेटवर्क की जांच की। इस दौरान पुलिस ने 3 संदिग्ध FACE (पहचान) को चिन्हित किया, जिनमें से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य दो संदिग्धों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
साइबर फ्रॉड का बढ़ता खतरा
फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल अक्सर साइबर अपराध, फ्रॉड कॉल और अन्य अवैध गतिविधियों में किया जाता है। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई डिजिटल अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इंदौर क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई से साफ है कि अब तकनीकी अपराधों पर सख्ती बढ़ाई जा रही है और ऐसे मामलों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।











