निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश में प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए अहम खबर है। राज्य में 1 अप्रैल से जमीन और मकान खरीदना महंगा होने जा रहा है। सरकार ने नई प्रॉपर्टी गाइडलाइन को मंजूरी दे दी है, जिसके लागू होते ही प्रॉपर्टी की कीमतों में करीब 16 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस में बढ़ोतरी
भोपाल स्थित आईजी पंजीयन कार्यालय में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। नई गाइडलाइन के तहत स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में वृद्धि होगी, जिससे प्रॉपर्टी खरीदने की कुल लागत बढ़ जाएगी।
हजारों लोकेशन पर बढ़ेंगे रेट
जानकारी के मुताबिक प्रदेश में 65 हजार 300 से अधिक स्थानों पर नई गाइडलाइन लागू की जाएगी। इससे इन क्षेत्रों में जमीन और मकानों की सरकारी कीमतों में सीधा इजाफा होगा। हालांकि कुछ क्षेत्रों को इससे बाहर रखा गया है, जहां पुराने रेट ही लागू रहेंगे।
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निर्माण लागत में भी इजाफा
सरकार ने मकान निर्माण की लागत में भी बदलाव किया है। आरसीसी मकानों के निर्माण की लागत में लगभग 1000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की बढ़ोतरी की गई है। यह संशोधन करीब 5 साल बाद किया गया है।
अलग-अलग क्षेत्रों के लिए नई दरें
नई दरों के अनुसार बड़े शहरों जैसे भोपाल और इंदौर में निर्माण लागत 13 से 14 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है। अन्य नगर निगम क्षेत्रों में यह 12 से 13 हजार, नगर पालिका क्षेत्रों में 10 से 11 हजार, नगर पंचायत में 8 से 9 हजार और ग्रामीण क्षेत्रों में 6 से 7 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित की गई है।
31 मार्च तक मौका
जो लोग बढ़ी हुई कीमतों से बचना चाहते हैं, उनके लिए 31 मार्च तक पुरानी दरों पर रजिस्ट्री कराने का मौका है। इसके बाद 1 अप्रैल से नई दरें लागू हो जाएंगी।
सरकार और बाजार पर असर
इस फैसले से जहां सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी, वहीं आम खरीदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्रॉपर्टी बाजार में कुछ समय के लिए हलचल देखने को मिल सकती है।











