Surguja Illegal Mining Raid : सरगुजा | गौरीशंकर गुप्ता। सरगुजा जिले में बहने वाली मांड और मैनी नदी की कोख उजाड़ रहे रेत व खनिज माफिया के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में खनिज विभाग और राजस्व प्रशासन की संयुक्त टीम ने एक साथ कई ठिकानों पर दबिश देकर अवैध उत्खनन और परिवहन में लगे 22 वाहनों को जब्त किया है। इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
इन क्षेत्रों में हुई छापेमारी
प्रशासनिक टीम ने बतौली और सीतापुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले नदी तटीय क्षेत्रों में घेराबंदी की। मुख्य रूप से केसला, भिठुआ, राधापुर, मंगरैलगढ़, नवाटोली, काराबेल और प्रतापगढ़ गांवों के पास अवैध उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं। ग्रामीणों की सटीक सूचना के आधार पर टीम ने रणनीतिक तरीके से दबिश दी ताकि माफिया को भागने का मौका न मिले।
जब्त वाहनों का विवरण
कार्रवाई के दौरान कुल 22 वाहन पकड़े गए हैं, जिन्हें संबंधित थानों की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है:
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रेत परिवहन: अवैध रेत ले जा रहे 14 ट्रैक्टर और 1 हाईवा (कुल 15 वाहन)।
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गिट्टी व अन्य खनिज: अवैध खुदाई और परिवहन में संलिप्त 6 हाईवा और 1 टीपर। ये सभी वाहन सीतापुर, बतौली और रघुनाथपुर थानों में खड़े किए गए हैं, जहाँ इनके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
पर्यावरण और राजस्व को बड़ा नुकसान
मांड-मैनी नदी क्षेत्र में मशीनों से की जा रही गहरी खुदाई के कारण स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। ग्रामीणों का आरोप है कि:
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जलस्तर में गिरावट: अंधाधुंध खुदाई से क्षेत्र का वाटर लेवल नीचे जा रहा है।
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बाढ़ का खतरा: तटों के टूटने से मानसून के दौरान गांवों में पानी घुसने का डर बना रहता है।
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राजस्व की चोरी: ठेकेदार बिना अनुमति के रेत निकालकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं, जिससे सरकारी खजाने को चूना लग रहा है।
प्रशासन की चेतावनी: जारी रहेगी सख्ती
खनिज विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरगुजा में अवैध उत्खनन की अब कोई गुंजाइश नहीं है। नियमित गश्त के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। जब्त वाहनों के मालिकों पर न केवल आपराधिक मामला दर्ज होगा, बल्कि उनसे भारी जुर्माना भी वसूला जाएगा। प्रशासन का यह कदम नदियों के अस्तित्व को बचाने और अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा संदेश है।











