Sanjay Park Ambikapur Incident : अंबिकापुर (गौरीशंकर गुप्ता)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय स्थित संजय पार्क में सुरक्षा की भारी चूक के चलते एक बड़ा हादसा हो गया है। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे आवारा कुत्तों के एक झुंड ने पार्क के बाड़े में घुसकर हिरणों पर हमला कर दिया। इस हिंसक हमले में 15 हिरणों की मौत हो गई है, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली और वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है।
रात के अंधेरे में हुआ ‘शिकार’
जानकारी के अनुसार, बाड़े की जाली और सुरक्षा व्यवस्था में खामी का फायदा उठाकर 4-5 आवारा कुत्ते अंदर दाखिल हो गए। कुत्तों ने बेसहारा हिरणों को बुरी तरह नोच डाला। घटना स्थल पर 14 हिरणों ने तत्काल दम तोड़ दिया, वहीं एक घायल हिरण का उपचार किया जा रहा था, जिसकी रविवार सुबह मौत हो गई।
लापरवाही पर गिरी गाज: रेंजर को नोटिस, 4 निलंबित
डीएफओ अभिषेक जोगावत ने इस पूरी घटना में विभाग और पार्क प्रबंधन की लापरवाही को स्वीकार किया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई की गई है:
-
निलंबन: डिप्टी रेंजर अशोक कुमार सिन्हा, वनपाल ममता पोर्ते, वनपाल प्रतिमा लकड़ा और बीट गार्ड फुलमनी सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है।
-
नोटिस: रेंजर अक्षपलक ऋषि को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है।
-
जांच टीम: एसडीओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई है, जो 48 घंटों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।
रेस्क्यू सेंटर की सुरक्षा पर सवाल
वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संजय पार्क कोई चिड़ियाघर (Zoo) नहीं, बल्कि एक रेस्क्यू सेंटर है। यहाँ घायल या भटक कर आए जानवरों का इलाज कर उन्हें वापस जंगल में छोड़ा जाता है। हालांकि, एक सुरक्षित संस्थान के भीतर आवारा कुत्तों का प्रवेश कर जाना सुरक्षा की बड़ी विफलता माना जा रहा है। मृत हिरणों का पोस्टमार्टम करने के बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
आमजन के लिए पार्क बंद
सुरक्षा जांच और स्थिति की समीक्षा के लिए संजय पार्क को अगले दो से तीन दिनों के लिए पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।









