Bastar Jaipur Foot Camp : जगदलपुर (23 मार्च 2026)। बस्तर जिले के आड़ावाल स्थित जयपुर फुट सेंटर में रविवार का दिन दिव्यांगजनों के लिए ‘आत्मनिर्भरता’ का नया सवेरा लेकर आया। जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के समन्वय से आयोजित इस विशाल सहायक उपकरण वितरण शिविर में जिले के सुदूर अंचलों से आए 120 हितग्राहियों को आधुनिक तकनीक से निर्मित कृत्रिम अंगों और जीवन सुगम बनाने वाले उपकरणों से लैस किया गया।
तकनीक से मिली नई गति: कृत्रिम हाथ-पैर और ट्राईसाईकिल का वितरण
शिविर में विशेष रूप से उन दिव्यांगों पर ध्यान केंद्रित किया गया जो चलने-फिरने या दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर थे। विशेषज्ञों की देखरेख में निम्नलिखित उपकरणों का वितरण किया गया:
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कृत्रिम अंग: 06 दिव्यांगों को अत्याधुनिक कृत्रिम हाथ और 05 को कृत्रिम पैर प्रदान किए गए।
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मोबिलिटी सपोर्ट: गतिशीलता बढ़ाने के लिए 19 मोटराइज्ड ट्राईसाईकिल, 33 सामान्य ट्राईसाईकिल और 16 व्हीलचेयर वितरित की गईं।
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सहायक उपकरण: सुनने की समस्या से जूझ रहे 14 लोगों को श्रवण यंत्र (Hearing Aid) और 12 लोगों को बैसाखी प्रदान की गई।
पंजीयन के साथ मिला सरकारी योजनाओं का सुरक्षा कवच
शिविर केवल उपकरण वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दिव्यांगों को शासन की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी मौके पर ही पूरी की गईं।
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UDID कार्ड: 17 हितग्राहियों के विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (UDID) बनाए गए, जो भविष्य में उन्हें पेंशन, आरक्षण और अन्य सरकारी लाभ दिलाने में मील का पत्थर साबित होंगे।
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विशेषज्ञ परामर्श: जयपुर फुट सेंटर के तकनीशियनों ने कृत्रिम अंगों के उपयोग और उनके रखरखाव के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
सशक्तिकरण का उद्देश्य: समाज की मुख्यधारा से जुड़ाव
आयोजन के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि बस्तर जैसे क्षेत्रों में दिव्यांगजनों तक पहुँच बनाना और उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम करना प्राथमिकता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगों के मन से हीनभावना को दूर करना और उन्हें एक सम्मानजनक एवं स्वावलंबी जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।









