निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ में जबरन मैनुअल स्कैवेंजिंग कराने के मामलों पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी व्यक्ति से जबरन सीवरेज या सेप्टिक टैंक की सफाई कराने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का यह कदम सफाई कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
अनधिकृत सफाई कार्य पर लगेगी रोक
सरकार ने सीवरेज सफाई को लेकर नई गाइडलाइन जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब केवल नगर निगम या पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही सफाई कार्य कराया जा सकेगा। निजी और अनियमित स्तर पर सफाई कराने पर रोक लगाने के संकेत दिए गए हैं।
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सुरक्षा मानकों का पालन होगा अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सफाई कार्य के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसमें सुरक्षा उपकरण, गैस डिटेक्शन और प्रशिक्षित कर्मियों की मौजूदगी अनिवार्य होगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक में निर्देश
विधानसभा परिसर में आयोजित राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए CM विष्णुदेव साय ने कहा कि सीवरेज सफाई का कार्य केवल अधिकृत एजेंसियों के जरिए ही कराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कानूनी प्रावधान और जागरूकता अभियान
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मैनुअल स्कैवेंजिंग से जुड़े कानून के तहत दोषियों के लिए कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। इसके साथ ही इस कुप्रथा को खत्म करने के लिए राज्यभर में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
रामकृष्ण अस्पताल हादसे पर जताया दुख
मुख्यमंत्री ने हाल ही में रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुई सफाई कर्मियों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।
सुरक्षा और जवाबदेही पर सरकार का फोकस
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि अब सफाई कर्मियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।











