Singrauli Purple Fair News : सिंगरौली (6 फरवरी 2026): जिला मुख्यालय के बिलौजी स्थित अटल सामुदायिक भवन में शुक्रवार को दिव्यांगजनों के लिए ‘पर्पल फेयर’ का भव्य आयोजन किया गया। समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास एवं पुनर्वास केंद्र (छतरपुर) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर के दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की कसमें खाई गईं, लेकिन जब योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों की संख्या पर सवाल उठा, तो जवाब में केवल खामोशी मिली।
मंच से हुआ दावों का प्रदर्शन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें प्रतिभाशाली बनाने पर जोर दिया। उनके साथ सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह, देवसर विधायक डॉ. राजेंद्र मेश्राम और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी योजनाओं को “मील का पत्थर” बताया।
आंकड़ों के सवाल पर ‘निस्तब्ध’ रहा प्रशासन
हैरानी की बात तब हुई जब यह जानने की कोशिश की गई कि अब तक कितने दिव्यांगों को व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल या अन्य सहायक उपकरण प्राप्त हुए हैं। राज्य मंत्री स्वयं इस आंकड़े को स्पष्ट नहीं कर सकीं। यह स्थिति तब है जब केंद्र और राज्य सरकार दिव्यांगों के लिए करोड़ों का बजट आवंटित करने का दावा करती है।
ग्रामीण अंचलों में आज भी बदहाली
एक ओर जहाँ मंच से सफलता के किस्से सुनाए जा रहे थे, वहीं कार्यक्रम में पहुंचे कई दिव्यांगों का दर्द कुछ और ही था।
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जरूरतमंदों की शिकायत: ग्रामीण क्षेत्रों से आए दिव्यांगों का आरोप है कि उन्हें योजनाओं की जानकारी तो मिलती है, लेकिन जब वे सहायक उपकरणों की मांग करते हैं, तो उन्हें दफ्तरों के चक्कर लगवाए जाते हैं।
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असली लाभार्थी कौन?: ग्रामीणों का सवाल है कि यदि प्रशासन के पास वितरण का कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं है, तो फिर योजनाओं का लाभ वास्तव में किसे मिल रहा है?
जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में विकास प्राधिकरण अध्यक्ष दिलीप शाह, भाजपा जिलाध्यक्ष सुंदरलाल शाह सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे। पर्पल फेयर में प्रतिभा प्रदर्शन तो हुआ, लेकिन व्यवस्था के अभावों ने कार्यक्रम की चमक फीकी कर दी।











