Mirzapur Gym Conversion Case : मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में जिम की आड़ में चल रहे एक बड़े धर्मांतरण रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस को मुख्य आरोपी मोहम्मद शेख अली के मोबाइल फोन की तलाशी के दौरान एक गुप्त फोल्डर मिला, जिसमें 50 से अधिक महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो बरामद हुए हैं। इन डिजिटल सबूतों में महिलाओं के साथ घूमने-फिरने, यात्राओं और यहाँ तक कि निकाह से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल हैं, जिससे पुलिस के हाथ इस गिरोह के खिलाफ पुख्ता सबूत लगे हैं।
सिपाही ही निकला मास्टरमाइंड: इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि गिरोह का मुख्य सदस्य शादाब, जो जीआरपी (GRP) में सिपाही था, इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। अब तक इस गिरोह के 6 सदस्यों (मोहम्मद शेख अली, फैजल खान, जहीर और शादाब आदि) को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कैसे काम करता था ‘जिम ट्रैप’ नेटवर्क? पुलिस जांच के अनुसार, यह गिरोह KGN-1, KGN-2.0 और फिटनेस क्लब जैसे जिमों के जरिए अमीर घरों की महिलाओं को निशाना बनाता था।
- पहला चरण: चुनिंदा महिलाओं को ‘फ्री जिम ट्रेनिंग’ का लालच देकर फंसाया जाता था।
- दूसरा चरण: ट्रेनिंग के दौरान तस्वीरें लेकर और नंबर एक्सचेंज कर दोस्ती बढ़ाई जाती थी।
- तीसरा चरण: यदि महिला एक जिम में ट्रैप नहीं होती, तो उसे दूसरे और तीसरे जिम भेजा जाता था, जहाँ गिरोह के अन्य सदस्य उन पर काम करते थे।
- अंतिम चरण: महिलाओं को बुर्का पहनाकर मजारों और बाजारों में ले जाया जाता था। यौन शोषण के बाद आपत्तिजनक वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर धर्मांतरण का दबाव बनाया जाता था।
आरोपियों की घेराबंदी तेज: वर्तमान में गिरोह के दो मुख्य आरोपी, इमरान और लकी अली खान, फरार हैं। पुलिस को इनपुट मिला है कि उनके पास दुबई के पासपोर्ट हैं और वे देश छोड़कर भागने की तैयारी में हैं। एसएसपी सोमेन वर्मा ने बताया कि दिल्ली एयरपोर्ट और नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।









