AIMIM Maharashtra Victory 2026 : मुंबई/छत्रपति संभाजीनगर। महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों के परिणामों में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने अपने पारंपरिक गढ़ों के साथ-साथ नए क्षेत्रों में भी विस्तार किया है। पार्टी ने न केवल मुंबई (BMC) में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है, बल्कि मालेगांव और औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) जैसे शहरों में गेम चेंजर बनकर उभरी है।
मुंबई (BMC) में तीन सीटों पर जीत: मुंबई में मुस्लिम वोटर्स की संख्या करीब 20 प्रतिशत है। यहाँ ओवैसी ने कांग्रेस और एनसीपी के वोट बैंक में सेंध लगाते हुए 3 सीटों पर कब्जा किया है:
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इरशाद खान: वार्ड 135 से विजयी।
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महजबीन अतीक अहमद: वार्ड 134 से विजयी।
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खैरुनिसा हुसेन: वार्ड 145 से विजयी।
संभाजीनगर और मालेगांव में बड़ी ताकत:
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छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद): यहाँ 115 सीटों में से AIMIM ने 24 सीटों पर जीत हासिल कर अपनी धाक जमाई है। पूर्व सांसद इम्तियाज जलील का प्रभाव यहाँ स्पष्ट रूप से देखने को मिला है।
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मालेगांव: यहाँ ओवैसी की पार्टी ‘किंगमेकर’ की भूमिका में है। 84 सीटों वाली नगर निगम में पार्टी को सबसे ज्यादा 20 सीटें मिली हैं। यहाँ ओवैसी के समर्थन के बिना किसी भी दल का मेयर बनना नामुमकिन है।
नांदेड़ और अन्य शहरों में प्रदर्शन:
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नांदेड़ वाघाला: यहाँ पार्टी ने 14 सीटों पर बड़ी जीत दर्ज की है।
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धुले: पार्टी 8 सीटों पर जीत के साथ मजबूत स्थिति में है।
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अमरावती: यहाँ भी ओवैसी की पार्टी ने 6 सीटें जीती हैं।
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चंद्रपुर: यहाँ पार्टी ने अपना पहला प्रतिनिधि चुनकर इतिहास रचा है।
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जालना और परभणी: यहाँ भी पार्टी ने क्रमशः 2 और 1 सीट जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
विश्लेषण: कांग्रेस-NCP का बिगड़ा समीकरण राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ओवैसी की पार्टी भले ही खुद बहुमत तक न पहुँच पाई हो, लेकिन उसने कई सीटों पर कांग्रेस और एनसीपी के उम्मीदवारों का खेल बिगाड़ दिया है। मुस्लिम बहुल इलाकों में ओवैसी के ‘जमीनी स्तर के कैंपेन’ ने शहरी मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित किया है, जो आने वाले समय में महाराष्ट्र की सियासत के लिए बड़े संकेत हैं।









