Congress Protest Korea : बैकुंठपुर/कोरिया: केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्वरूप में किए गए बदलाव और योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी कोरिया ने मोर्चा खोल दिया है। जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता के नेतृत्व में रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विशाल धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार केवल एक योजना का नाम नहीं बदल रही, बल्कि महात्मा गांधी की ‘ग्राम स्वराज’ की विचारधारा को खत्म कर गरीबों, मजदूरों और ग्रामीणों के हितों पर सीधा हमला कर रही है।
धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने मनरेगा को एक क्रांतिकारी कानून के रूप में लागू किया था, जिसने करोड़ों ग्रामीणों को रोजगार का कानूनी अधिकार दिया। उन्होंने कहा कि मनरेगा ने मजदूरों को मजबूरी में होने वाले पलायन से रोका और उन्हें अपनी माटी में सम्मान से जीने का हक दिया। भाजपा सरकार इस ऐतिहासिक कानून को कमजोर कर करोड़ों भूमिहीनों और श्रमिकों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।
पूर्व विधायक अंबिका सिंह देव ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कोविड काल में जिस योजना ने गरीबों के लिए ‘संजीवनी’ का काम किया, उसे पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने धीरे-धीरे पंगु बना दिया है। बिना विपक्ष को विश्वास में लिए योजना का स्वरूप बदलना तानाशाही पूर्ण रवैया है। पीसीसी सदस्य योगेश शुक्ला ने वित्तीय आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पहले केंद्र-राज्य की हिस्सेदारी 90:10 थी, जिसे अब 40:60 कर दिया गया है। इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और ग्रामीण विकास की गति थमेगी।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि अब दिल्ली में बैठकर यह तय किया जाना कि किस ग्रामीण को कहाँ रोजगार मिलेगा, जमीनी हकीकत से परे है। प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, पूर्व विधायक अंबिका सिंह देव, योगेश शुक्ला सहित बृजवासी तिवारी, मुख्तार अहमद, आशीष यादव और सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस जन उपस्थित रहे। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि मनरेगा के पुराने स्वरूप और महात्मा गांधी के नाम को बहाल नहीं किया गया, तो यह आंदोलन गांव-गांव तक ले जाया जाएगा।









