अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में अमेरा कोल माइंस को लेकर कई दिनों से चल रहे तनाव के बीच पुलिस ने कड़ा कदम उठाया है। खदान विस्तार को लेकर हुए हालिया बवाल के बाद पुलिस ने 150 ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इन ग्रामीणों पर लाठी, डंडे, पत्थर और गुलेल से पुलिस बल पर हमला करने के आरोप हैं।
खदान विस्तार विवाद ने फिर भड़काया तनाव
घटना 3 दिसंबर की है, जब खदान विस्तार के विरोध में प्रदर्शन अचानक उग्र हो उठा। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसमें ASP और SDOP गंभीर रूप से घायल हुए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि इलाके में तनाव फैल गया और अतिरिक्त पुलिस बल को तत्काल मौके पर भेजना पड़ा।
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ग्रामीणों का बड़ा आरोप—“एक इंच जमीन नहीं देंगे”
अमेरा कोल माइंस के ओपन कास्ट विस्तार को ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि खदान को परसोडी कला की ओर बढ़ाया जा रहा है, जिससे उनकी खेती योग्य जमीन प्रभावित होगी। ग्रामीणों ने साफ कहा:
- “न नौकरी चाहिए, न मुआवजा… हमें अपनी जमीन चाहिए।”
- “एक इंच जमीन नहीं छोड़ेंगे, आंदोलन जारी रहेगा।”
ग्रामीणों का कहना है कि खदान विस्तार से उनके गांव की जमीन, पानी और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ेगा। कई परिवार महीनों से इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं।
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हालात नियंत्रण से बाहर, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज
प्रदर्शन उग्र होने पर पुलिस ने भीड़ को काबू में करने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी लगातार पत्थरबाजी और हमले करते रहे। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) भी मौके पर मौजूद थे, मगर आक्रोश इतना तीव्र था कि पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।पुलिस का कहना है कि कई बार समझाइश के बाद भी लोग नहीं माने और हिंसा पर उतर आए, जिसके चलते मजबूरी में एक्शन लेना पड़ा।
क्षेत्र में अभी भी तनाव, पुलिस बल तैनात
घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन हालात पर निगरानी रख रहा है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जब तक खदान विस्तार रुक नहीं जाता, विरोध जारी रहेगा।











