बुरहानपुर : मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में भीषण गर्मी अब किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। लगातार बढ़ते तापमान और तेज हवाओं के बीच जिले के कई गांवों में आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। आग ने खेतों में खड़ी फसलों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
जानकारी के मुताबिक बोहरड़ा, हसीनाबाद, राजोरा और लोखंडिया क्षेत्र के खेतों में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब 30 से 40 एकड़ फसल जलकर राख हो गई।
मक्के और केले की फसल को भारी नुकसान
राजोरा गांव में आग सबसे पहले मक्के के खेत में लगी बताई जा रही है। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और आसपास के खेत भी इसकी चपेट में आ गए।
वहीं दूसरी ओर भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण केले की फसल भी झुलसने लगी है। किसानों का कहना है कि इस बार मौसम की मार ने उनकी पूरी मेहनत बर्बाद कर दी।स्थानीय लोगों के अनुसार आग लगने की संभावित वजह बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट हो सकती है।
किसानों को संभलने का मौका तक नहीं मिला
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसानों को फसल बचाने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही देर में खेत धुएं और लपटों से भर गए।ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवा के कारण हालात लगातार बिगड़ते गए।देर से पहुंची फायर ब्रिगेड, बढ़ा नुकसान
घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति संभालने का प्रयास किया। इसके बाद दमकल विभाग की गाड़ियां भी पहुंचीं।हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची, जिसके चलते नुकसान और बढ़ गया।आगजनी के कारण सड़क पर लंबा जाम भी लग गया, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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हर साल होती हैं ऐसी घटनाएं: किसान
स्थानीय किसानों का कहना है कि खेतों के पास से गुजर रही बिजली लाइनें लंबे समय से जर्जर हालत में हैं। गर्मी के मौसम में शॉर्ट सर्किट की घटनाएं लगातार होती रहती हैं, लेकिन प्रशासन और बिजली विभाग की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया जाता।
किसानों ने आरोप लगाया कि हर साल आगजनी से फसलें बर्बाद होती हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रह जाते हैं।
मुआवजे और कार्रवाई की मांग
भीषण आगजनी के बाद किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से:
- फसल नुकसान का सर्वे
- उचित मुआवजा
- बिजली विभाग की जवाबदेही तय करने
की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते बिजली लाइनों की मरम्मत और सुरक्षा उपाय किए जाते, तो इतनी बड़ी क्षति से बचा जा सकता था।अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई और राहत व्यवस्था पर टिकी हुई है।











