जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित बरगी डैम में गुरुवार को बड़ा जल हादसा हो गया। नर्मदा नदी में संचालित “नर्मदा क्वीन” क्रूज अचानक डूब गया, जिससे अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुक्रवार सुबह रेस्क्यू टीमों ने पानी से दो और शव बरामद किए।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), SDRF और सेना की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि कुछ लोगों की तलाश अभी भी जारी है।
तेज आंधी और बारिश बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के समय क्रूज में 31 लोग सवार थे। अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। नर्मदा नदी में तेज लहरें उठने लगीं, जिससे क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में डूब गया।
बताया जा रहा है कि क्रूज में अधिकतम 60 लोगों की क्षमता थी। हादसे के वक्त मौसम खराब होने के कारण यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
पूरी रात चला राहत और बचाव अभियान
हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया। NDRF और SDRF की टीमें देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रहीं। गोताखोरों की मदद से लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
प्रशासन का मानना है कि कुछ लोग क्रूज के केबिन में फंसे हो सकते हैं। इसी वजह से क्रेन की सहायता से डूबे हुए क्रूज को पानी से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।
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घटनास्थल पर पहुंचे मंत्री और अधिकारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पूरी रात मौके पर मौजूद रहे। इसके अलावा लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी, सांसद आशीष दुबे और बरगी विधायक नीरज सिंह लोधी भी घटनास्थल पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
2006 से संचालित हो रहा था क्रूज
बरगी डैम मध्य प्रदेश का प्रमुख पर्यटन स्थल माना जाता है। यहां वर्ष 2006 से क्रूज सेवा संचालित की जा रही है। डैम के बैकवॉटर क्षेत्र में दो बड़े क्रूज, एक हाउस बोट और मिनी क्रूज पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे हैं।
यहां वाटर स्पोर्ट्स और अन्य पर्यटन गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं। हादसे के बाद सुरक्षा मानकों और मौसम अलर्ट सिस्टम पर भी सवाल उठने लगे हैं।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम खराब होने के बावजूद क्रूज संचालन जारी रखा गया। अब प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है कि कहीं सुरक्षा नियमों की अनदेखी तो नहीं की गई।फिलहाल पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोगों की निगाहें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं।











