Ratlam Jansunwai: रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम जिला कलेक्ट्रेट में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली साप्ताहिक जनसुनवाई में इस बार एक बेहद अनूठा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। जिला प्रशासन ने आमजन की समस्याओं को अधिक सहज, गरिमापूर्ण और प्रभावी ढंग से सुनने के उद्देश्य से व्यवस्थाओं को पूरी तरह बदल दिया है। इस नई पहल के तहत अब जनसुनवाई में आने वाले आवेदकों को अधिकारियों के सामने खड़े रहकर अपनी गुहार नहीं लगानी पड़ रही है, बल्कि कलेक्ट्रेट के सभी संबंधित अधिकारियों की टेबल के पास एक अतिरिक्त ‘खाली कुर्सी’ लगाई गई है, जिस पर बैठकर आवेदक अपनी बात रख रहे हैं।
बिना किसी झिझक के अपनी बात रख पा रहे हैं आवेदक
रतलाम जिला प्रशासन की इस नई व्यवस्था के तहत आवेदन लेकर आने वाले पीड़ित और फरियादी अब संबंधित विभाग के आला अधिकारी के सामने असहज होकर खड़े रहने के बजाय, उनके बगल में सम्मानपूर्वक बैठकर अपनी समस्या और शिकायत विस्तार से बता पा रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि इस बदलाव से फरियादियों और अधिकारियों के बीच की दूरी कम होगी। आवेदक बिना किसी मानसिक दबाव या झिझक के अपनी बात रख सकेंगे और अधिकारियों को भी उनकी समस्याओं को अधिक संवेदनशीलता और बेहतर तरीके से समझने में सुविधा होगी। मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे कई आवेदकों ने इस गरिमापूर्ण व्यवस्था की सराहना की।
भीड़ नियंत्रण के लिए एंट्री और एग्जिट का बदला रूट
खाली कुर्सी की इस अनूठी पहल के साथ-साथ जिला कलेक्ट्रेट परिसर में कानून व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण (Crowd Management) को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। जनसुनवाई में पहुंचने वाले आवेदकों के आने और जाने के लिए अलग-अलग रास्ते तय किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत आवेदक कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार (Main Gate) से अंदर प्रवेश कर सकेंगे, जबकि जनसुनवाई के बाद उनके बाहर निकलने की व्यवस्था पिछले मार्ग (Back Route) से की गई है। इस वन-वे व्यवस्था से कलेक्ट्रेट परिसर में अनावश्यक भीड़ जमा नहीं होगी और सुरक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ रहेगी।
सीईओ वैशाली जैन और डिप्टी कलेक्टर राधा महंत ने सुनीं समस्याएं
इस मंगलवार को आयोजित की गई नई व्यवस्था वाली जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन, डिप्टी कलेक्टर राधा महंत, संजय शर्मा सहित विभिन्न विभागों के तमाम जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अपने पास रखी खाली कुर्सी पर आवेदकों को ससम्मान बिठाया और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनकर मौके पर ही संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जिला प्रशासन की इस पहल को जनसुनवाई को अधिक ‘जनहितैषी’ और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक बेहद सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिसकी शहर भर में चर्चा है।









