Ujjain Sawan: उज्जैन। सावन माह में भगवान महाकाल के जलाभिषेक के लिए ओंकारेश्वर और महेश्वर से लाखों कांवड़ यात्री पैदल उज्जैन पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर पूरे कांवड़ मार्ग को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की गई है।
महू चौराहा और सांवेर रोड पर विशेष व्यवस्था
कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्ग महू चौराहा, सांवेर रोड और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भारी वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया है, जिससे यात्रा के दौरान सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।
रास्ते भर भोजन, पानी और विश्राम की सुविधा
Ujjain Sawan: प्रशासन की ओर से पूरे कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह विश्राम स्थल, भोजन, चाय और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है। सामाजिक संगठनों के सहयोग से भी श्रद्धालुओं की सेवा के लिए सेवा शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
रात में भी सुरक्षित रहे यात्रा, हाईमास्ट लाइट से रोशन हुआ मार्ग
रात्रि के समय कांवड़ यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पूरे मार्ग पर हाईमास्ट लाइट और अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था की गई है। अंधेरे वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां विशेष रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
पुलिस-प्रशासन की संयुक्त पेट्रोलिंग जारी
Ujjain Sawan: कांवड़ यात्रा मार्ग पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा दल और एम्बुलेंस भी अलर्ट मोड पर रखी गई हैं।
कलेक्टर ने किया व्यवस्थाओं का निरीक्षण
Ujjain Sawan: उज्जैन कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वयं कांवड़ मार्ग का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
सावन माह में बाबा महाकाल के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं की ऐसी व्यवस्था की है, जिससे लाखों कांवड़ यात्री बिना किसी परेशानी के उज्जैन पहुंचकर भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर सकें।




