मोदी सरकार का बड़ा फैसला! डीजल और ATF एक्सपोर्ट पर अचानक बढ़ा टैक्स, नई दरें आज से लागू

Rahul Goshwami

Diesel ATF Windfall Tax Hike: डीजल ATF विंडफॉल टैक्स बढ़ा होने के बाद तेल और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों की नजर सरकार के नए आदेश पर टिकी हुई है। केंद्र सरकार ने डीजल और विमान ईंधन यानी ATF के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में वृद्धि कर दी है। नई दरें 16 जून से लागू हो चुकी हैं और यह व्यवस्था 30 जून तक प्रभावी रहेगी।

डीजल और ATF पर अब कितना देना होगा अतिरिक्त टैक्स?
डीजल ATF विंडफॉल टैक्स बढ़ा के तहत डीजल के निर्यात पर ड्यूटी को बढ़ाकर 14 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं विमान ईंधन ATF के निर्यात पर अब 12.50 रुपये प्रति लीटर की ड्यूटी लगेगी। सरकार ने डीजल पर 50 पैसे और ATF पर 3 रुपये प्रति लीटर तक टैक्स बढ़ाने का फैसला लिया है।

पेट्रोल उपभोक्ताओं को क्यों मिली राहत?
डीजल ATF विंडफॉल टैक्स बढ़ा के बावजूद आम लोगों के लिए राहत की बात यह है कि घरेलू इस्तेमाल के लिए पेट्रोल और डीजल की मौजूदा एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी इस फैसले का सीधा असर आम उपभोक्ताओं द्वारा खरीदे जाने वाले पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर फिलहाल नहीं पड़ेगा।
Read more : MP में बदलेंगे अनुकंपा नियुक्ति के नियम, नौकरी खत्म करना होगा मुश्किल, मोहन सरकार कर रही नई तैयारी

कच्चे तेल के दाम गिरने के बाद सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?
डीजल ATF विंडफॉल टैक्स बढ़ा का फैसला ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने और समझौते की खबरों के बाद तेल की कीमतों में कमी दर्ज की गई। ऐसे हालात में सरकार ने निर्यातकों द्वारा कीमतों के अंतर का अधिक लाभ लेने की संभावना को देखते हुए टैक्स में बदलाव किया है।

सरकार ने 30 जून तक के लिए क्यों लागू की नई व्यवस्था?
डीजल ATF विंडफॉल टैक्स बढ़ा की नई दरें फिलहाल 16 जून से 30 जून तक लागू रहेंगी। वित्त मंत्रालय समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और निर्यात से होने वाले लाभ की समीक्षा करता है। इसी आधार पर विंडफॉल टैक्स की दरों में बदलाव किया जाता है।

आखिर क्या होता है विंडफॉल टैक्स?
डीजल ATF विंडफॉल टैक्स बढ़ा की खबर के बाद कई लोगों के मन में यह सवाल है कि विंडफॉल टैक्स क्या होता है। यह ऐसा अतिरिक्त कर होता है जिसे सरकार उन कंपनियों पर लगाती है जिन्हें बाजार की विशेष परिस्थितियों की वजह से सामान्य से अधिक मुनाफा होने की संभावना होती है। इसका उद्देश्य असामान्य लाभ को नियंत्रित करना होता है।

क्या आम जनता की जेब पर पड़ेगा असर?
डीजल ATF विंडफॉल टैक्स बढ़ा के बाद फिलहाल आम उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि घरेलू पेट्रोल और डीजल की एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आने वाले बदलावों पर सरकार की नजर बनी रहेगी, जिससे भविष्य में नए फैसले लिए जा सकते हैं।

आने वाले दिनों में तेल बाजार पर रहेगी नजर
डीजल ATF विंडफॉल टैक्स बढ़ा का फैसला ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब तेल कंपनियां और निवेशक 30 जून तक बाजार की स्थिति और सरकार के अगले फैसलों पर नजर बनाए रखेंगे। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव आगे की टैक्स नीति को प्रभावित कर सकता है।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *