Buldozer in Indore: इंदौर: उज्जैन में आयोजित होने वाले वैश्विक पर्व सिंहस्थ-2028 (Simhastha-2028) की तैयारियों के मद्देनजर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में बुनियादी ढांचे और सड़कों के विकास का काम बेहद तेज हो गया है। केंद्र सरकार से मिली विशेष स्वीकृति और भारी-भरकम बजट के तहत इंदौर शहर में 23 प्रमुख और महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण व चौड़ीकरण किया जाना है। इसी महाअभियान के तहत मंगलवार को इंदौर नगर निगम की रिमूवल टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जिंसी हाट मैदान से लेकर सुभाष मार्ग तक प्रस्तावित सड़क के मार्ग में बाधक बन रहे मकानों और अन्य अवैध निर्माणों को ढहाने की कार्रवाई की।
नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस बल की संयुक्त मौजूदगी में चलाया गया यह अतिक्रमण विरोधी अभियान बिना किसी बड़े विवाद या विरोध के पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।
300 मीटर लंबी सड़क के लिए हटाए गए बाधक निर्माण
इंदौर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई लगभग 300 मीटर लंबी प्रस्तावित सड़क के निर्माण मार्ग को साफ करने के लिए की गई थी। मास्टर प्लान के तहत बनने वाली इस बेहद जरूरी सड़क के बीच में कुछ आवासीय मकान और धार्मिक स्थल बाधा बन रहे थे, जिससे यातायात और निर्माण कार्य दोनों प्रभावित हो रहे थे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बुलडोजर चलाने की इस प्रत्यक्ष कार्रवाई से पहले प्रभावितों को बकायदा पूर्व सूचना (Notice) दी गई थी और सभी आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी की गई थीं। यही वजह रही कि मंगलवार सुबह जब भारी अमला और पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तो स्थानीय लोगों की तरफ से कोई तीखा विरोध सामने नहीं आया।
उपायुक्त अभय राजनंदगांवकर ने दी जानकारी
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए इंदौर नगर निगम के उपायुक्त श्री अभय राजनंदगांवकर ने बताया कि सिंहस्थ-2028 के सुचारू आयोजन के लिए शहर की यातायात व्यवस्था को उन्नत करना बेहद आवश्यक है। केंद्र और राज्य सरकार के तालमेल से जिन 23 प्रमुख सड़कों का खाका खींचा गया है, यह मार्ग उसी का एक हिस्सा है। समय सीमा के भीतर निर्माण पूरा करने के लिए बाधाओं को हटाना अनिवार्य था।
समय सीमा में कार्य पूरा करने का लक्ष्य, आगे भी जारी रहेगा अभियान
इंदौर को सिंहस्थ के लिहाज से एक प्रमुख सेटेलाइट टाउन और मुख्य मार्ग के रूप में देखा जा रहा है, जिससे यहाँ अधोसंरचना विकास (Infrastructure Development) के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। नगर निगम के आला अधिकारियों का कहना है कि मास्टर प्लान की सभी 23 प्रस्तावित सड़कों का निर्माण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। शहर के अन्य हिस्सों में भी जिन सड़कों के निर्माण में इस तरह के अतिक्रमण बाधक बन रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर लिया गया है और आने वाले दिनों में वहां भी इसी तरह की निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।









