M.P News : तिलक लगाना कतई नहीं मंजूर…उज्जैन में तिलक लगाने को लेकर विवाद, सहकर्मी पर गंभीर आरोप

Rahul Goshwami

उज्जैन : मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से धार्मिक टिप्पणी और कथित प्रताड़ना का मामला सामने आया है। नागदा तहसील स्थित एक कार शोरूम में काम करने वाले दो कर्मचारियों के बीच तिलक लगाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला पुलिस तक पहुंच गया।

पीड़ित युवक ने अपने सहकर्मी पर धार्मिक आधार पर मानसिक प्रताड़ना देने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

तीन महीने से तिलक को लेकर कथित आपत्ति

जानकारी के मुताबिक नागदा के एक कार शोरूम में ऋतिक नाम का युवक मैकेनिक के तौर पर काम करता है। ऋतिक का आरोप है कि उसी शोरूम में कार्यरत मुबारिक उर्फ लाला पिछले करीब तीन महीनों से उसके माथे पर लगाए जाने वाले तिलक को लेकर लगातार आपत्ति जता रहा था।पीड़ित का कहना है कि आरोपी उसे बार-बार तिलक न लगाने के लिए टोकता था और इसी बात को लेकर मानसिक रूप से परेशान करता था।

छोटी बहस से बढ़ा मामला

बताया जा रहा है कि शोरूम में पानी की मोटर चालू करने जैसी मामूली बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोपी ने अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए ऋतिक से तिलक हटाने को कहा।जब ऋतिक ने इसे अपनी धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत अधिकार से जुड़ा मामला बताया, तो बहस और तेज हो गई।

बेल्ट से मारने और धमकी देने का आरोप

ऋतिक ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान मुबारिक ने बेल्ट से हमला करने की कोशिश की।पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने दोबारा तिलक लगाने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद ऋतिक ने पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
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पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

धार्मिक सहिष्णुता पर फिर उठे सवाल

इस घटना के सामने आने के बाद सोशल Media पर भी चर्चा तेज हो गई है। लोग कार्यस्थलों पर धार्मिक स्वतंत्रता और आपसी सम्मान को लेकर सवाल उठा रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी व्यक्ति की धार्मिक पहचान या आस्था को लेकर टिप्पणी करना कार्यस्थल के माहौल को खराब कर सकता है और ऐसे मामलों में संवेदनशीलता जरूरी है।फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

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