Guru Nanak Dev Ji : बुरहानपुर : श्री गुरु नानक देव जी के 557वें प्रकाश पर्व के मौके पर बुरहानपुर के राजघाट गुरुद्वारा साहिब में भव्य धार्मिक समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर संगत ने गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
समारोह की शुरुआत सुबह से ही रूहानी माहौल में हुई जब हजूरी रागी जत्था के भाई चरण सिंह जी ने “आसा दी वार” का कीर्तन शुरू किया। उनके संगत को आनंदित करते हुए अमृतमयी कीर्तन के बीच परिसर में वाहेगुरु के जयकारे गूंजने लगे। हर ओर श्रद्धालुओं की उपस्थिति और भक्ति का आलम था।
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Guru Nanak Dev Ji :
गुरुद्वारा परिसर में लगे धार्मिक झंड़े, रौशनियों से सजा हुआ आंगन और संगत के चेहरे पर श्रद्धा की झलक ने माहौल को एक अलौकिक रूप दिया। इस मौके पर गुरुद्वारा प्रबंधक समिति और स्थानीय नेताओं ने भी गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को साझा किया और समाज में भाईचारे और मानवता के संदेश को फैलाने की बात की।
रुपिंदर सिंह कीर, एक श्रद्धालु ने कहा, “गुरु नानक देव जी का जीवन हमारे लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। उनका संदेश हमेशा हमें इंसानियत और ईश्वर भक्ति की ओर प्रेरित करता है। आज हम उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं।”
गजेंदर पाटिल, भाजपा युवा नेता और सांसद प्रतिनिधि ने कहा, “गुरु नानक देव जी का मार्ग हमें शांति, सच्चाई और सेवा का रास्ता दिखाता है। आज के दिन हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम हर हाल में मानवता की सेवा करेंगे।”
समारोह के दौरान गुरुद्वारा परिसर में संगत ने “सतगुरु नानक प्रगटिया” और “वाहेगुरु” के उद्घोष के साथ गुरु जी के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। विशेष रूप से गुरु नानक देव जी के जीवन और उपदेशों पर आधारित धार्मिक भाषण और भजन कार्यक्रमों ने सभी को भाव-विभोर कर दिया।
मनमोहन सिंह बिंद्रा, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान ने कहा, “गुरु नानक देव जी के आदर्श हमें सिर्फ धार्मिक रूप से ही नहीं, बल्कि समाजिक जीवन में भी सच्चाई और इंसानियत के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देते हैं। हमें उनका संदेश अपनाकर अपने जीवन को बेहतर बनाना चाहिए।”
समारोह के समापन के दौरान अमरजीत सिंह, एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, “गुरु नानक देव जी का संदेश हमेशा हमे सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। आज के दिन हम सब यहां उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लेते हैं।”
गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के इस भव्य समागम ने बुरहानपुर को एक बार फिर धार्मिक उमंग और श्रद्धा से भर दिया। संगत ने इस पर्व को श्रद्धा, भक्ति और भाईचारे के प्रतीक के रूप में मनाया।











