CG NEWS : गौरी शंकर गुप्ता /घरघोड़ा – क्षेत्र में इन दिनों जुए का अवैध कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है। बताया जा रहा है कि घरघोड़ा के विभिन्न इलाकों में प्रतिदिन लाखों रुपये का दांव लगाया जा रहा है। इन जुआ अड्डों की जानकारी स्थानीय पहरेदारों और जिम्मेदार कर्मियों तक भी है, लेकिन वे निश्चित उगाही कर इस गोरखधंधे पर आंख मूंदे हुए हैं।
CG NEWS : स्थानीय लोगों का कहना है कि घरघोड़ा क्षेत्र में जुआ खेल कोई नया नहीं है, बल्कि यह वर्षों पुरानी परंपरा की तरह चल रहा है। अब तकनीक के साथ इसमें बदलाव आ गया है — पारंपरिक नाल और फड़ के साथ-साथ मोबाइल जुआ और “खुड़-खुड़िया” जैसे नए तरीके भी तेजी से फैल गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, रथयात्रा के पहले से ही कई ठिकानों पर गैर-जिम्मेदार पहरेदारों की देखरेख में बाहरी और स्थानीय जुआरी अपने दांव लगाने पहुंचते हैं। जुआ अड्डों से पहरेदारों की हिस्सेदारी पहले ही तय होती है ताकि उनका खेल बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
स्थिति यह है कि जुआ का खेल अब रिहायशी इलाकों से निकलकर जंगलों, झाड़ियों और यहां तक कि श्मशान घाटों तक पहुंच चुका है, जहां रोशनी की व्यवस्था कर खुलेआम खेल खेला जा रहा है।
CG NEWS : स्थानीय सूत्रों का कहना है कि कई जुआरी इस खेल को “मनोरंजन” या “क्रिकेट” की तरह मानते हैं और इसे अपनी आदत बना चुके हैं। रथयात्रा का समय नजदीक आते ही इन अड्डों की रौनक और भी बढ़ जाती है।
CG NEWS : जानकारों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो इस अवैध गतिविधि के चलते क्षेत्र में किसी गंभीर वारदात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।











