भोपाल : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज भोपाल में विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर बयान दिए। उन्होंने जहाँ टंट्या मामा जैसे आदिवासी जननायकों पर फ़िल्म बनाने की पैरवी की, वहीं छिंदवाड़ा जहरीली दवा कांड और ओबीसी आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राज्य सरकार और बीजेपी पर तीखे हमले किए।
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जंगल सत्याग्रह’ की तरह ‘टंट्या मामा’ पर बने फ़िल्म
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से मुलाकात पर बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि जिस तरह जंगल सत्याग्रह पर फ़िल्म बनी है, उसी तरह महान आदिवासी जननायक टंट्या मामा पर भी फ़िल्म बननी चाहिए।
उन्होंने बताया कि आदिवासी लड़कों ने इस फ़िल्म का पूरा प्रोजेक्ट तैयार किया है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेने का निवेदन किया है, ताकि आदिवासी जननायकों के गौरवशाली इतिहास को पर्दे पर लाया जा सके।
छिंदवाड़ा दवा कांड पर स्वास्थ्य मंत्री पर साधा निशाना
छिंदवाड़ा में जहरीली सिरप से 21 बच्चों की मौत के मामले पर दिग्विजय सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य मंत्री ने पहले ही क्लीन चिट दे दी थी। क्या स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी नहीं बनती?”
उन्होंने आरोप लगाया कि दवा के सैम्पल को छिंदवाड़ा से भोपाल आने में कई दिन लग गए, जिससे जांच प्रभावित हुई। तमिलनाडु से आरोपी की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा, “तमिलनाडु सरकार का जो सवाल है, इसमें केंद्र सरकार की भी परमिशन लगती है, यह क्यों भूल जाते हैं?”
OBC आरक्षण पर BJP की ‘नियत खराब’
ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने बीजेपी और आरएसएस पर हमला किया। उन्होंने कहा कि “सरकार की नियत खराब है।”
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उनका सीधा आरोप था कि पूरी तरीके से बीजेपी इसके खिलाफ है। उन्होंने मंडल कमीशन का हवाला देते हुए कहा कि आरएसएस ने ओबीसी आरक्षण का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को पद बांट देने से कुछ नहीं होता है, क्योंकि जमीनी स्तर पर नियुक्तियों में आरक्षण नहीं मिल रहा है।









