Sehore News : सीहोर (भेरूंदा) : सीहोर जिले के भेरूंदा से एक चौंकाने वाला और असंवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ एक निजी नर्मदा हॉस्पिटल के स्टाफ ने एक मृत मरीज़ का शव परिजनों को देने से दो घंटे तक मना कर दिया। मरीज़ की मौत पैसे जमा न होने के कारण हुई बताई जा रही है। यह घटनाक्रम सामने आने के बाद हॉस्पिटल स्टाफ के अमानवीय व्यवहार की चारों ओर निंदा हो रही है, जबकि पुलिस की तत्परता की लोग सराहना कर रहे हैं।
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Sehore News : क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, भेरूंदा में बाइक से गिरने के कारण घायल हुए एक मरीज़ को इलाज के लिए नर्मदा हॉस्पिटल लाया गया था। परिजनों का कहना है कि मरीज़ को हॉस्पिटल लाने के कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
मरीज़ की मौत की जानकारी मिलते ही, परिजनों ने शव माँगा, लेकिन हॉस्पिटल स्टाफ ने शव देने से साफ़ इनकार कर दिया और पहले पूरा बिल जमा करने की बात कही। परिजनों के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, स्टाफ अपने फैसले पर अड़ा रहा।
पुलिस से भी की जमकर बहस
जब परिजनों को शव नहीं मिला, तो उन्होंने तत्काल इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और हॉस्पिटल स्टाफ से बात की। हैरत की बात यह है कि हॉस्पिटल स्टाफ ने पुलिस अधिकारियों से भी जमकर बहस की और शव देने में अनावश्यक देरी की।
पुलिस के हस्तक्षेप और लगातार दबाव के बावजूद, करीब दो घंटे के संघर्ष के बाद ही मृत मरीज़ का शव परिजनों को सौंपा जा सका।
असंवेदनशील घटना का वीडियो वायरल
मारे गए मरीज़ के परिजनों ने आरोप लगाया है कि हॉस्पिटल लाने के तुरंत बाद ही मरीज़ की मौत हो गई थी, फिर भी उन्हें पैसे के लिए परेशान किया गया। परिजनों का कहना है, “यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है।”
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घटना से संबंधित वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं, जिसमें हॉस्पिटल स्टाफ और पुलिस के बीच बहस साफ दिखाई दे रही है। लोगों द्वारा सीहोर पुलिस की इस मानवीय मदद के लिए प्रशंसा की जा रही है।
इस घटना पर हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ क्या कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है या कोई जांच शुरू हुई है? यह जानकारी खबर को और आगे बढ़ा सकती है।











