किशोर नाथ राजगुरु/शाजापुर। विजयदशमी के पर्व पर शाजापुर नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन पारंपरिक उल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर हिंदू उत्सव समिति के युवा कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की सहभागिता रही।
शहर के विभिन्न मोहल्लों एवं मुख्य स्थलों पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्री राम मंदिर से आरंभ हुई चल समारोह दशहरा मैदान पहुंची, जहां धार्मिक विधि-विधान के साथ रावण दहन की परंपरा निभाई गई। इस दौरान नगर के वरिष्ठ नागरिक, वसूली पटेल श्री जोरावर सिंह पटवारी द्वारा पूजा-अर्चना की गई।
रावण दहन के साथ ही रंग-बिरंगी आतिशबाज़ी ने पूरे वातावरण को रोशन कर दिया, जिससे बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। पूरे नगर में “जय श्रीराम” के जयकारों के साथ धर्म और संस्कृति की गूंज सुनाई दी।
कार्यक्रम में नगरवासियों की भारी उपस्थिति रही और देर रात तक लोग एक-दूसरे को दशहरे की बधाइयाँ देते नज़र आए।
इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि धर्म, परंपरा और संस्कृति का संगम शाजापुर की पहचान है, और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश पीढ़ियों तक पहुँचता रहेगा।











