Saturday, September 19, 2026
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Indore digital arrest racket : लाओस से संचालित हो रहा था भारत-अमेरिका का ठगी नेटवर्क, दो आरोपी गिरफ्तार

Indore digital arrest racket : इंदौर। इंदौर में हुए एक करोड़ 60 लाख रुपए के चर्चित डिजिटल अरेस्ट मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने पूछताछ में बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि वे लाओस स्थित एक साइबर क्राइम कैंप से भारतीय और अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते थे। पुलिस की कार्रवाई ने विदेश में नौकरी के नाम पर युवाओं को साइबर ठगी के नेटवर्क में फंसाने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है।

राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच और जांच अधिकारी

Indore digital arrest racket :
विदेश में जब्त किए गए थे पासपोर्ट

एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच और जांच अधिकारी राजेश दंडोतिया ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अब तक 10 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। हाल ही में गिरफ्तार दोनों आरोपी भारत से डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर काम करने लाओस पहुंचे थे, लेकिन वहाँ सक्रिय गिरोह ने उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए और उन्हें जबरन डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर फ्रॉड के कामों में लगा दिया।

गिरफ्तार आरोपियों में से एक, परतस उर्फ कैलाश, जिसके खिलाफ पहले से लुकआउट सर्कुलर जारी था, उसे 20 नवंबर को विदेश से लौटते ही एयरपोर्ट पर पकड़ा गया। दूसरा आरोपी गुजरात के वापी का निवासी है।

Indore digital arrest racket :
गोल्डन ट्रायंगल में काम कर चुके हैं आरोपी

पूछताछ में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी सौरव एक साल तक लाओस और म्यांमार के खतरनाक गोल्डन ट्रायंगल क्षेत्र में स्थित साइबर क्राइम कैंप में काम कर चुका है। यह क्षेत्र चीन समर्थित ठगों का एक बड़ा हब माना जाता है, जहाँ से हजारों युवाओं को फंसाकर जबरन साइबर फ्रॉड कराया जाता है।

आरोपियों ने बताया कि गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर विदेशों में नौकरी और थाईलैंड एंट्री वीजा के नाम पर भारतीय युवाओं को बहला-फुसलाकर बुलाता है। एजेंट इसके बाद उन्हें अवैध तरीके से लाओस, म्यांमार और कंबोडिया भेज देते हैं, जहाँ उनके पासपोर्ट जब्त कर उनसे ठगी करवाई जाती है। गिरफ्तार आरोपी उन लोगों में शामिल था, जिन्हें कुछ माह पहले भारतीय एजेंसियों ने बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत वापस लाया था, लेकिन वह दोबारा भागकर म्यांमार चला गया था।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में यह बात सामने आई है कि सौ से अधिक युवाओं को इसी तरीके से विदेश भेजकर ठगी कराई गई है। पुलिस अभी कई एजेंटों और विदेशी नेटवर्क के संचालनकर्ताओं की पहचान कर रही है, और मामले में और गिरफ्तारियां संभावित हैं।

 

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VIKASH KHALKHO
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

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