Illegal Weapons Seized: खरगोन। मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में अवैध हथियारों के निर्माण और उनकी देशव्यापी कस्टमाइज्ड तस्करी के खिलाफ खरगोन जिला पुलिस प्रशासन ने एक और बड़ी विधिक सफलता अर्जित की है। जिले के कुख्यात सिगनूर क्षेत्र से अवैध हथियारों की खेप खरीदकर दूसरे राज्यों में खपाने जा रहे दो शातिर अंतरराज्यीय तस्करों को पुलिस ने कड़े विधिक जाल में फंसाया है। थाना भीकनगांव के अंतर्गत आने वाली बमनाला पुलिस चौकी की विशेष टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी करते हुए पंजाब और पश्चिम बंगाल के रहने वाले दो आरोपियों को विधिक रूप से गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से कुल 13 अवैध कस्टमाइज्ड देसी कट्टे और पिस्टल बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित विधिक कीमत करीब 3 लाख रुपये आंकी गई है। इस बड़े दंडात्मक मामले का आधिकारिक विधिक खुलासा खरगोन पुलिस अधीक्षक (SP) श्री रविन्द्र वर्मा ने जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में किया।
दो अलग-अलग राज्यों के सौदागर दबोचे गए; 3 लाख रुपये की विधिक खेप बरामद
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त प्राथमिक विधिक केस डायरी के अनुसार, बमनाला चौकी पुलिस ने अलग-अलग कस्टमाइज्ड सूचनाओं के आधार पर दो समानांतर विधिक कार्रवाइयां संस्थित कीं, जो सीधे तौर पर अंतरराज्यीय आर्म्स सिंडिकेट (Arms Syndicate) से जुड़ी हुई थीं:
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मामला 01 (पंजाब कनेक्शन): पुलिस ने पहले विधिक प्रकरण में पंजाब संवर्ग से अवैध हथियारों की बड़ी खेप खरीदने आए आरोपी लक्की गुप्ता को घेराबंदी कर दबोचा। आरोपी के पास मौजूद बैग की विधिक तलाशी लेने पर उसके भीतर से परिष्कृत कस्टमाइज्ड तकनीक से बने 8 अवैध हथियार (देसी कट्टे व पिस्टल) बरामद किए गए। बाजार में इन हथियारों की अनुमानित विधिक कीमत लगभग 2 लाख रुपये बताई जा रही है।
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मामला 02 (पश्चिम बंगाल कनेक्शन): इसी प्रकार, दूसरी समानांतर विधिक दबिश के दौरान पुलिस ने पश्चिम बंगाल के रहने वाले आरोपी अमिनुल इस्लाम को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से विधिक रूप से 5 अवैध देसी कट्टे और पिस्टल जब्त किए गए, जिनका वित्तीय विधिक मूल्य करीब 1 लाख रुपये है।
सिगनूर के अवैध निर्माताओं से जुड़े थे तार; बड़े नेटवर्क की विधिक छानबीन शुरू
विधिक पूछताछ और प्राथमिक जांच में यह चौंकाने वाला कस्टमाइज्ड तथ्य सामने आया है कि दोनों ही आरोपी खरगोन जिले के कुख्यात अवैध हथियार निर्माण गढ़ सिगनूर क्षेत्र पहुंचे थे। वहां स्थानीय सिकलीगरों और अवैध निर्माताओं से साठगांठ कर उन्होंने इन हथियारों को कस्टमाइज्ड रूप से तैयार करवाया था। दोनों तस्कर इन हथियारों को चोरी-छिपे लोक परिवहन या निजी साधनों के जरिए क्रमशः पंजाब और पश्चिम बंगाल ले जाकर वहां के स्थानीय गैंगस्टरों और अपराधियों को ऊंचे दामों पर विधिक रूप से सप्लाई करने वाले थे, लेकिन बमनाला पुलिस की मुस्तैदी से उनकी यह विधिक साजिश नाकाम हो गई।
सप्लायरों पर कसता विधिक शिकंजा: खरगोन पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आयुध अधिनियम (Arms Act) की सुसंगत और कड़ी विधिक धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक का आधिकारिक विधिक रुख: एसपी श्री रविन्द्र वर्मा ने बताया कि— “यह कार्रवाई केवल दो तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। आरोपियों को माननीय विधिक न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड (PR) मांगी जा रही है। रिमांड के दौरान इनके मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR), डिजिटल लेन-देन के विधिक साक्ष्यों और कस्टमाइज्ड इनपुट को खंगाला जाएगा, ताकि सिगनूर क्षेत्र के उन मुख्य अवैध निर्माताओं और सप्लायरों को भी विधिक रूप से नामजद किया जा सके, जो इन अंतरराज्यीय अपराधियों को पिछले लंबे समय से कस्टमाइज्ड रूप से बैकएंड सपोर्ट (Backend Support) प्रदान कर रहे थे। पुलिस इन राज्यों की स्थानीय पुलिस टीम से भी विधिक संपर्क स्थापित कर रही है।”









