Sagar Collector Alert: सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिला कलेक्ट्रेट (कलेक्टर कार्यालय) परिसर में मंगलवार (26 मई 2026) की दोपहर उस वक्त अचानक प्रशासनिक अमले और आम जनता के बीच तीव्र विधिक सनसनी और अफरा-तफरी फैल गई, जब एक पीड़ित युवक ने सिस्टम की विधिक सुस्ती से नाराज होकर आत्मघाती कदम उठा लिया। युवक ने सरेआम कलेक्ट्रेट प्रांगण में खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह (Self-Immolation) करने का कड़ा प्रयास किया और इसी दौरान एक पवित्र धार्मिक ग्रंथ को आग के हवाले कर दिया। कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद प्रबुद्ध नागरिकों और स्थानीय हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने अदम्य साहस दिखाते हुए युवक को विधिक रूप से घेराबंदी कर तत्काल दबोच लिया, जिससे एक बहुत बड़ी और भयावह विधिक त्रासदी समय रहते टल गई। इस अप्रत्याशित कृत्य के बाद से जिले के प्रशासनिक ताने-बाने और कानून व्यवस्था पर गंभीर विधिक सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
10 वर्षों से विधिक न्याय के लिए भटक रहा था अन्नदाता; अमानवीय कृत्य की नहीं हुई थी सुनवाई
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस प्रशासन से प्राप्त प्राथमिक विधिक विवरण के अनुसार, यह हाई-वोल्टेज ड्रामा दोपहर ठीक 1:00 बजे के आसपास घटित हुआ।
-
पीड़ित का विधिक परिचय: रोते-चिल्लाते और खुदकुशी की कोशिश करने वाले इस युवक ने अपनी पहचान बहादुर चढ़ार (निवासी: ग्राम घोघरी, थाना जैसीनगर, जिला सागर) के रूप में विधिक रूप से बताई है।
-
पुरानी रंजिश और प्रताड़ना: पीड़ित युवक का कस्टमाइज्ड आरोप है कि वर्ष 2015 में मोतीनगर निवासी मुन्ना बुंदेला एवं उसके अन्य दबंग साथियों ने उसका विधिक रास्ता रोककर उसके साथ अत्यंत क्रूर व अमानवीय मारपीट की थी। पीड़ित का दावा है कि इस जघन्य कृत्य के विधिक न्याय और नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के लिए वह पिछले 10 वर्षों से लगातार मोतीनगर थाना और जैसीनगर थाना पुलिस के विधिक चक्कर काट-काटकर पूरी तरह मानसिक अवसाद से घिर चुका है, परंतु पुलिस अधिकारियों ने रसूखदारों के दबाव में उसकी शिकायतों को कस्टमाइज्ड फाइलों के नीचे दबाए रखा।
खुद पर छिड़का पेट्रोल और धार्मिक ग्रंथ में लगाई आग; हिंदू संगठनों ने जताई विधिक आपत्ति
कलेक्ट्रेट में साप्ताहिक जनसुनवाई और प्रशासनिक कार्यों के सिलसिले में जुटी भीड़ के सामने अचानक पहुंचे बहादुर चढ़ार ने जोर-जोर से रोना और चीखना शुरू कर दिया। वह चिल्ला रहा था कि— “जब शासन और प्रशासन के विधिक नियमों में गरीब के लिए कोई न्याय ही नहीं है, तो मेरा जीना निरर्थक है।” इसी बीच उसने अपनी जेब से पेट्रोल की कुप्पी निकालकर खुद पर उड़ेल ली और अपने हाथ में मौजूद एक पवित्र धार्मिक ग्रंथ में विधिक माचिस मारकर आग लगा दी। पवित्र ग्रंथ को जलता देख वहां खड़े हिंदू संगठन के सदस्य हरिकिशन सेन व अन्य साथियों ने तत्काल फुर्ती दिखाई और युवक को दबोचकर उसके हाथ से ज्वलनशील पदार्थ छीन लिया। हालांकि, धार्मिक ग्रंथ को सार्वजनिक रूप से अग्नि के हवाले किए जाने की इस विधिक घटना से परिसर में मौजूद हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने अपनी तीव्र विधिक नाराजगी और रोष प्रकट किया।
गोपालगंज पुलिस ने दर्ज किया मर्ग; हर सूक्ष्म पहलू की गहन विधिक जांच शुरू
कलेक्ट्रेट जैसे अति-सुरक्षित वीआईपी (VIP) क्षेत्र में पेट्रोल लेकर युवक के प्रवेश करने और आत्मघाती बवाल की विधिक सूचना मिलते ही गोपालगंज थाना पुलिस की विशेष टीम दलबल के साथ तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए आरोपी व पीड़ित युवक बहादुर चढ़ार को हिरासत (Custody) में ले लिया और उसे लेकर थाने रवाना हो गई।
गोपालगंज पुलिस प्रशासन का विधिक मत है कि मामला अत्यधिक संवेदनशील है। पुलिस एक ओर जहां जैसीनगर और मोतीनगर थानों से पिछले 10 वर्षों के विधिक आवेदनों और पेंडिंग फाइलों का रिकॉर्ड (Log-Book) तलब कर रही है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक स्थल पर धार्मिक ग्रंथ को जलाने की इस विधिक धारा के तहत धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के कस्टमाइज्ड एंगल की भी सूक्ष्म फॉरेंसिक व कानूनी विवेचना कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के विधिक निष्कर्षों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक विधिक कार्रवाई संस्थित की जाएगी।









