Wednesday, August 26, 2026
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Surguja KCC Fraud Case: केरजू समिति प्रबंधक आत्महत्या मामले में तत्कालीन बैंक शाखा प्रबंधक पर FIR दर्ज, 52 लाख के गबन का आरोप

Surguja KCC Fraud Case: सरगुजा। उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले स्थित केरजू सहकारी समिति के प्रबंधक की आत्महत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सीतापुर पुलिस ने पेटला स्थित जिला सहकारी बैंक के तत्कालीन शाखा प्रभारी (प्रबंधक) भूपेंद्र सिंह परिहार समेत अन्य के खिलाफ प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने मृत समिति प्रबंधक के जरिए किसानों के नाम पर फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनाकर 52 लाख रुपये का ऋण निकलवाया और पूरी रकम खुद रख ली। बाद में इस गबन का पूरा दबाव मृतक पर बना दिया गया, जिससे तंग आकर उन्होंने जान दे दी।

25 दिसंबर 2025 को प्रबंधक ने लगाई थी फांसी

मामला सीतापुर क्षेत्र के ग्राम केरजू स्थित सहकारी समिति का है। समिति प्रबंधक दिनेश गुप्ता (50 वर्ष) ने 25 दिसंबर 2025 की देर रात अपने सीतापुर स्थित निवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के दिन समिति में कई किसानों ने अपने खातों से फर्जी तरीके से केसीसी ऋण निकाले जाने को लेकर भारी हंगामा व विवाद किया था। इस विवाद के बाद दिनेश गुप्ता मानसिक रूप से बेहद तनाव में आ गए थे और देर रात घर लौटकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया था।

पत्नी के खुलासे के बाद बैकफुट पर आया आरोपी

मामले की जांच कर रही पुलिस ने मृतक की पत्नी सुनीता गुप्ता का विस्तृत बयान दर्ज किया। पत्नी ने पुलिस के सामने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि पेटला जिला सहकारी बैंक के तत्कालीन शाखा प्रभारी भूपेंद्र सिंह परिहार ने उनके पति दिनेश गुप्ता को गुमराह कर फर्जी केसीसी लोन के जरिए 52 लाख रुपये निकलवाए और पूरी रकम अपने पास रख ली। जब दिनेश गुप्ता ने किसानों के विरोध के बाद यह रकम वापस मांगी, तो शाखा प्रबंधक उन्हें डांटता था और नौकरी से बरखास्त कराने की धमकी देता था। प्रताड़ना और सामाजिक बदनामी के डर से परेशान होकर दिनेश गुप्ता ने फांसी लगा ली।

धारा 108 BNS के तहत अपराध दर्ज

मृतक की पत्नी के बयान और प्राथमिक जांच के आधार पर सीतापुर पुलिस ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक भूपेंद्र सिंह परिहार तथा अन्य संबंधितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

2 करोड़ से अधिक का फर्जीवाड़ा, आज भी परेशान हैं किसान

उल्लेखनीय है कि केरजू सहकारी समिति में किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर हुए फर्जीवाड़े की शिकायत किसानों ने सरगुजा कलेक्टर से भी की थी। कलेक्टर के निर्देश पर गठित जांच टीम और सहकारी बैंक के जांच दल की पड़ताल में लगभग 2 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का फर्जी तरीके से आहरण किए जाने की पुष्टि हुई थी। मामला उजागर होने के बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक को पद से हटा दिया गया था। हालांकि, इस प्रशासनिक धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के कारण आज भी क्षेत्र के दर्जनों निर्दोष किसान लाखों रुपये के कर्जदार बने हुए हैं और न्याय के लिए भटक रहे हैं।

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