Indore Cyber Fraud: इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में साइबर अपराध का एक और मामला सामने आया है। गांधी नगर थाना क्षेत्र की समर्थ ड्रीम सिटी में रहने वाले एक युवक का मोबाइल फोन कथित रूप से हैक कर साइबर ठगों ने उसके बैंक खाते से 99 हजार रुपये उड़ा दिए। आरोपियों ने पीड़ित के यूपीआई (UPI) का अनधिकृत एक्सेस हासिल कर एक के बाद एक 10 ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किए और कुछ ही मिनटों में पूरी रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी।घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन और गांधी नगर थाना पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, समर्थ ड्रीम सिटी निवासी बलराम पिता घासीराम जोशी के साथ यह साइबर धोखाधड़ी 5 जुलाई की रात हुई। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उनके बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से अचानक बिना किसी अनुमति के लगातार पैसे कटने लगे।
Indore Cyber Fraud: कुछ ही देर में उनके मोबाइल पर एक के बाद एक 10 ट्रांजैक्शन के मैसेज आए। लगातार बैंक खाते से राशि निकलने की सूचना मिलते ही उनके होश उड़ गए। जब उन्होंने खाते की जांच की तो पता चला कि कुल 99 हजार रुपये उनके खाते से निकाल लिए गए हैं।
पीड़ित ने स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वयं कोई ऑनलाइन भुगतान या यूपीआई ट्रांजैक्शन नहीं किया था। आशंका है कि साइबर अपराधियों ने किसी तरीके से उनके मोबाइल या यूपीआई अकाउंट का एक्सेस हासिल कर इस वारदात को अंजाम दिया।धोखाधड़ी का पता चलते ही बलराम जोशी ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और इसके बाद गांधी नगर थाना पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच अब साइबर सेल भी कर रही है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिन बैंक खातों और यूपीआई आईडी में यह रकम ट्रांसफर की गई है, उनकी तकनीकी जांच की जा रही है। साथ ही संबंधित बैंकों और पेमेंट प्लेटफॉर्म से ट्रांजैक्शन की पूरी जानकारी मांगी गई है, ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
Indore Cyber Fraud: साइबर विशेषज्ञ यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि मोबाइल फोन किस तरीके से हैक हुआ या फिर किसी फिशिंग लिंक, फर्जी ऐप अथवा अन्य साइबर तकनीक के जरिए यूपीआई एक्सेस प्राप्त किया गया।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, मोबाइल में केवल अधिकृत ऐप ही इंस्टॉल करें और यूपीआई पिन, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि खाते से कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखाई दे तो तुरंत बैंक और 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते राशि को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा सके।
फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही साइबर ठगी में शामिल गिरोह का पता लगाया जाएगा।







