Durg Police Inspector Transfer: दुर्ग। दुर्ग जिले की पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त और आक्रामक बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस मुख्यालय (PHQ) रायपुर के आदेश और पुलिस स्थापना बोर्ड के निर्णय के परिपालन में दुर्ग जिले में पदस्थ 7 वरिष्ठ निरीक्षकों (TI) का स्थानांतरण राज्य के अन्य जिलों में कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय दुर्ग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, स्थानांतरित किए गए सभी अधिकारियों को उनके वर्तमान पदस्थापना स्थल से तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त (Relieve) कर नवीन जिलों में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षकों की जगह सब-इंस्पेक्टर्स को सौंपी गई थानों की जिम्मेदारी
प्रशासनिक दृष्टिकोण से किए गए इस बड़े फेरबदल के तहत दुर्ग जिले के कई प्रमुख और संवेदनशील थानों के प्रभारी बदल गए हैं। स्थानांतरित निरीक्षकों को बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित और दूरस्थ जिलों जैसे कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर भेजा गया है। निरीक्षकों के कार्यमुक्त होने के बाद कानून-व्यवस्था की निरंतरता बनाए रखने के लिए संबंधित थानों का प्रभार फिलहाल उप निरीक्षकों (SI) और सहायक उप निरीक्षकों (ASI) को सौंपा गया है।
जानिए किस निरीक्षक को कहां मिली नई पदस्थापना:
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी ट्रांसफर सूची के अनुसार निम्नलिखित अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है:
-
निरीक्षक अम्बर सिंह भारद्वाज: थाना सुपेला (जिला दुर्ग) से जिला कांकेर स्थानांतरित।
-
निरीक्षक रामेन्द्र कुमार सिंह: थाना जामुल (जिला दुर्ग) से जिला कोंडागांव भेजे गए।
-
निरीक्षक मनीष शर्मा: यातायात/ट्रैफिक (जिला दुर्ग) से जिला दंतेवाड़ा स्थानांतरित।
-
निरीक्षक राजेश कुमार साहू: थाना उतई (जिला दुर्ग) से जिला सुकमा भेजे गए।
-
निरीक्षक श्रद्धा पाठक: थाना अण्डा (जिला दुर्ग) से जिला कोंडागांव स्थानांतरित।
-
निरीक्षक वंदिता पानिकर: थाना बोरी (जिला दुर्ग) से जिला कोंडागांव भेजी गईं।
-
निरीक्षक आनंद शुक्ला: थाना खुर्सीपार (जिला दुर्ग) से जिला बीजापुर स्थानांतरित।
तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त होने के निर्देश
पुलिस विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी स्थानांतरित अधिकारी आदेश जारी होने की तिथि के अपराह्न से अपनी वर्तमान पदस्थापना इकाई से कार्यमुक्त होकर अविलंब नवीन पदस्थापना वाली इकाई में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इस बड़े फेरबदल के बाद अब दुर्ग जिले के खाली हुए थानों में नए प्रभारियों की स्थायी पदस्थापना को लेकर भी विभागीय हलचल तेज हो गई है।







