रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव की अगुवाई में राज्य सरकार अब स्वरोजगार और उद्योग लगाने का सपना पूरा करने में सीधे मदद करेगी। खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण उद्योगों को मजबूती देने के लिए दो योजनाओं—प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम—को तेज़ी से लागू करना शुरू कर दिया है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम
यह योजना भारत सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा प्रायोजित है। इसमें सेवा क्षेत्र में 20 लाख रुपये और विनिर्माण क्षेत्र में 50 लाख रुपये तक की परियोजनाओं को बैंक से मंजूरी मिल सकती है। खास बात यह है कि ग्रामीण युवाओं को 35% और शहरी युवाओं को 25% तक अनुदान मिलेगा। जबकि सामान्य वर्ग के पुरुषों को क्रमशः 25 और 15 प्रतिशत का लाभ होगा। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है और इसके लिए आवेदक को फोटो, आधार कार्ड, जाति एवं निवास प्रमाणपत्र, अंकसूची और प्रोजेक्ट रिपोर्ट www.kviconline.gov.in/pmegp पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम
राज्य सरकार की इस योजना में अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी के ग्रामीण युवाओं को सेवा क्षेत्र में 1 लाख रुपये और विनिर्माण क्षेत्र में 3 लाख रुपये तक का बैंक ऋण स्वीकृत किया जाएगा। इसमें 35% तक अनुदान और केवल 5% स्वयं का अंशदान देना होगा। आवेदन की प्रक्रिया ऑफलाइन है और इसके लिए जिला स्तर पर खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड कार्यालय में आवेदन जमा करना होगा।
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दोनों योजनाओं का मकसद युवाओं को रोजगार के अवसर देना, ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देना और हितग्राहियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राज्य में स्वरोजगार और उद्यमिता का नया अध्याय लिखेगी।











