मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ वाले आरोप का समर्थन किया है। पुणे में शनिवार को आयोजित पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में ठाकरे ने कहा कि वोटिंग में गड़बड़ी का मुद्दा नया नहीं है और वह इसे 2016 से ही उठाते आ रहे हैं।
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राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि “लोग वोट डालते हैं, लेकिन वो उम्मीदवार तक नहीं पहुंचते, बल्कि चोरी हो जाते हैं।” उन्होंने कहा कि इसी वजह से 2014 से अब तक की सरकारें चुनावी धांधली का फायदा उठाकर बनी हैं।
“2016 में चेतावनी दी थी”
MNS प्रमुख ने कहा कि इस मुद्दे पर उन्होंने 2016-17 में शरद पवार, सोनिया गांधी और ममता बनर्जी से मुलाकात की थी और प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी, लेकिन विपक्ष ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ठाकरे के अनुसार, यदि तब लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाता तो यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गूंजता।
महाराष्ट्र चुनाव का उदाहरण
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा – “बीजेपी को 132 सीटें मिलीं, एकनाथ शिंदे को 56 और अजित पवार को 42 सीटें। इतने बड़े आंकड़ों के बावजूद न जीतने वाले खुश थे और न हारने वाले, क्योंकि पूरा मामला वोटों की गड़बड़ी का था।”
चुनाव आयोग पर सवाल
MNS प्रमुख ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग ने राहुल गांधी से हलफनामा मांगा, जबकि बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने भी छह सीटों पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था। “जब सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही धांधली की बात कर रहे हैं, तब भी चुनाव आयोग चुप है, क्योंकि पिछले 10-12 साल का खेल उजागर हो जाएगा।”
निकाय चुनावों को लेकर चेतावनी
राज ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का निर्देश देते हुए कहा कि आगामी निकाय चुनावों में वोटर लिस्ट पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने साफ कहा – “अगर चुनावी धांधली को खत्म करना है तो सबसे पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करना होगा। जब तक वोटर लिस्ट ठीक नहीं होगी, जीत पाना मुश्किल है।”













